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बेटे की मौत छिपाने के लिए AI अवतार का सहारा, मां से रोज करता था वीडियो कॉल; चीन की कहानी ने किया भावुक

बेटे की मौत छिपाने के लिए AI अवतार का सहारा, मां से रोज करता था वीडियो कॉल; चीन की कहानी ने किया भावुक

सोशल मीडिया पर चर्चा में आई ‘महाकुंभ वायरल गर्ल’ से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है, जिसमें उसकी शादी को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, मार्च महीने में उसकी शादी Thiruvananthapuram में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार की गई थी।

मामले में अब परिजनों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवार का दावा है कि इस विवाह को “लव-जिहाद” का मामला बताया गया है और यह भी कहा गया है कि लड़की उस समय नाबालिग थी। इन आरोपों के बाद मामला सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक चर्चा का विषय बन गया है।

हालांकि, इस पूरे प्रकरण में अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल होती जा रही है। एक ओर परिवार अपने आरोपों पर कायम है, वहीं दूसरी ओर संबंधित पक्ष की ओर से भी अपनी बात रखी जा रही है।

इस मामले के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कुछ यूजर्स इसे संवेदनशील मामला बताते हुए जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दे रहे हैं।

फिलहाल यह मामला चर्चा में बना हुआ है और संबंधित अधिकारियों की ओर से जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही जा रही है।

बेटे की मौत छिपाने के लिए बनाया AI अवतार, मां से रोज करता है वीडियो कॉल, चीन की ये कहानी सुनकर छलक आएंगे आंसू

बेटे की मौत छिपाने के लिए AI अवतार का सहारा, मां से रोज करता था वीडियो कॉल; चीन की कहानी ने किया भावुक

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी कहानी वायरल हो रही है, जिसे सुनकर लोग भावुक हो जा रहे हैं। यह मामला China से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां एक बेटे की मौत के बाद उसके परिवार ने उसकी मां को सच न बताने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया।

कहानी के अनुसार, बेटे की मृत्यु के बाद परिवार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उसका एक डिजिटल अवतार (AI avatar) तैयार किया, ताकि मां को लगे कि उसका बेटा अभी भी जिंदा है और सामान्य रूप से बातचीत कर रहा है। यह अवतार रोजाना वीडियो कॉल के जरिए मां से बात करता था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मां को यह एहसास तक नहीं हुआ कि वह जिससे रोज बात कर रही है, वह असल इंसान नहीं बल्कि एक AI-जनरेटेड अवतार है। इस दौरान परिवार ने मां को मानसिक सदमे से बचाने के लिए यह कदम उठाने की बात कही।

हालांकि, जैसे ही इस कहानी की जानकारी सोशल मीडिया पर फैली, लोगों के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे भावनात्मक और मां के दर्द को कम करने वाला प्रयास बताया, तो कुछ ने इसे नैतिक रूप से गलत और भावनाओं के साथ खिलवाड़ करार दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस तरह उपयोग तकनीकी रूप से भले ही संभव हो, लेकिन इसके भावनात्मक और नैतिक पहलू बेहद संवेदनशील हैं। किसी भी व्यक्ति की वास्तविकता को इस तरह बदलना गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिलहाल यह कहानी इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे सुनकर भावुक भी हो रहे हैं और सोचने पर मजबूर भी कि तकनीक का इस्तेमाल कहां तक सही है।

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