अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में उच्च न्यायालय के फैसले का हर्ष संघवी ने किया स्वागत, बोले- यह ऐतिहासिक फैसला
अहमदाबाद, 7 जुलाई (आईएएनएस)। 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को गुजरात हाई कोर्ट द्वारा बरकरार रखे जाने पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने जांच टीम और न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया।
पत्रकारों से बातचीत में हर्ष संघवी ने कहा कि यह फैसला केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सभी शांतिप्रिय देशों के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई 2008 को हुए अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में स्पेशल कोर्ट द्वारा 38 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा को गुजरात हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है। साथ ही 11 दोषियों की आजीवन कारावास की सजा भी यथावत रखी गई है। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ित परिवारों और गुजरात के नागरिकों की ओर से वह उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करते हैं।
हर्ष संघवी ने आगे कहा कि मैं जांच टीम का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। जांच की वजह से ही सभी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में सफलता मिली है। देश में आतंकवाद की कोई जगह नहीं है। इस प्रकार की घटनाओं से जुड़े हुए एक-एक व्यक्ति को सजा दिलाई जाएगी। उच्च न्यायालय की ओर से लोगों को खोने वाले परिजनों को 10-10 लाख रुपए और जो गंभीर रूप से घायल हुए थे उनको 5 लाख रुपए की सहायता पहुंचाने का राज्य सरकार को आदेश दिया है। इस आदेश का सरकार की ओर से जल्द ही पालन किया जाएगा।
उच्च न्यायालय के फैसले पर पूर्व मंत्री प्रदीप परमार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सीरियल ब्लास्ट में जिन लोगों की मौत हुई थी और जो गंभीर रूप से घायल हुए थे, उनको न्याय मिला है। जब तक उनको फांसी नहीं दे दी जाती तब तक न्याय नहीं होगा। परमार ने कहा कि विस्फोट की सूचना मिलने पर वह लोगों को बचाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान उनके पास ही बम फट गया और उनके शरीर में 14 जगह छर्रे लगे। इसके बाद उनके दोस्तों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने कहा कि आज भी उस स्थान पर जाने पर उन्हें घबराहट होती है।
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