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अहमदाबाद में नवजात की तस्करी की साजिश नाकाम, तीन गिरफ्तार

अहमदाबाद, 29 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात के अहमदाबाद में बच्चा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (डीसीबी) ने गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) से मिली सूचना के आधार पर एक नवजात को सफलतापूर्वक बचा लिया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। यह तस्करी का एक अंतरराज्यीय नेटवर्क था, जो गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था।
अहमदाबाद में नवजात की तस्करी की साजिश नाकाम, तीन गिरफ्तार

अहमदाबाद, 29 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात के अहमदाबाद में बच्चा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (डीसीबी) ने गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) से मिली सूचना के आधार पर एक नवजात को सफलतापूर्वक बचा लिया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। यह तस्करी का एक अंतरराज्यीय नेटवर्क था, जो गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था।

28 जनवरी को गुजरात एटीएस ने डीसीबी क्राइम ब्रांच के साथ यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इसके बाद पुलिस सब-इंस्पेक्टर जेसी. देसाई के नेतृत्व में एक टीम ने एयरपोर्ट के पास कोटरपुर पंपिंग स्टेशन के नजदीक जाल बिछाया। टीम में एएचसी कानूभाई भूपतभाई, एपीसी वेलाजी हेमाजी, एपीसी सुरेशभाई लालजीभाई और महिला पीसी काश्मीराबेन कांतिभाई जैसे अधिकारी शामिल थे।

टीम ने हिम्मतनगर से अहमदाबाद एयरपोर्ट की ओर जा रही सफेद मारुति अर्टिगा कार (जीजे-01-एमटी-2600) को रोका। जांच में गाड़ी में एक नवजात मिला। इसके बाद तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए गए, वंदना बेन जिगराभाई पांचाल, रोशन उर्फ सज्जन महावीर प्रसाद अग्रवाल और सुमित बच्चनभाई यादव। गाड़ी के ड्राइवर मौलिक उमियाशंकर दवे की भी जांच चल रही है।

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने हिम्मतनगर के पास मुन्नू नामक व्यक्ति से 3.60 लाख रुपए में बच्चा खरीदा था। वे इसे नागराज नाम के एजेंट को हैदराबाद में बेचने जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से 10,050 रुपए नकद, चार मोबाइल फोन (कुल कीमत करीब 55 हजार रुपए) और इस्तेमाल की गई कार जब्त की।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 143(4), 137(2), 61(2)(ए) और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 की धाराओं 81 व 87 के तहत केस दर्ज किया गया है। बचाए गए नवजात को तुरंत मेडिकल जांच और देखभाल के लिए बाल स्वास्थ्य अधिकारी को सौंप दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि यह सिंडिकेट बड़ा है और आगे जांच से फरार बिचौलियों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा। बच्चा तस्करी एक गंभीर अपराध है और ऐसी कार्रवाइयां समाज में जागरूकता बढ़ाती हैं।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम

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