Samachar Nama
×

अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का निरीक्षण, रेल मंत्री बोले- गुजरात में 80 प्रतिशत काम पूरा

अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का निरीक्षण, रेल मंत्री बोले- गुजरात में 80 प्रतिशत काम पूरा
अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का निरीक्षण, रेल मंत्री बोले- गुजरात में 80 प्रतिशत काम पूरा

अहमदाबाद, 4 जुलाई (आईएएनएस)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को अहमदाबाद का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अहमदाबाद के ऐतिहासिक कालूपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना और मेट्रो प्रोजेक्ट का जायजा लिया। उन्होंने ऐतिहासिक कालूपुर रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निरीक्षण के दौरान मजदूरों से बातचीत की। इस दौरान 'भारत माता की जय' के नारे लगाए गए। परियोजना में काम करने वाले मजदूर वर्ग ने रेल मंत्री के साथ सेल्फी और फोटो भी ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का दौरा भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना को तेज गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम बहुत तेजी से चल रहा है। अगले साल सूरत से बिलिमोरा तक का पहला सेक्शन चालू हो जाएगा, इसके बाद वापी से सूरत वाला सेक्शन शुरू होगा। फिर वापी से अहमदाबाद वाला सेक्शन पूरा किया जाएगा। इसके बाद अहमदाबाद से ठाणे और आखिर में अहमदाबाद से मुंबई वाले सेक्शन पर काम होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट 2029 तक अलग-अलग सेक्शन और चरणों में पूरा हो जाएगा। गुजरात इलाके में लगभग 80 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है।

उन्होंने कहा, "शहर के अंदर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य बहुत जटिल है। कई जगहों पर रेलवे ट्रैक को पार करना होगा और कई स्थानों पर मौजूदा रेलवे लाइनों के ऊपर बने फ्लाईओवर को भी पार करना होगा। कई जगहों पर डबल क्रॉसिंग की जरूरत है, जिससे यह तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है।"

रेल मंत्री ने कहा कि अहमदाबाद शहर में औसतन ऊंचाई लगभग 100 फीट है। पूरा ब्रिज इसी ऊंचाई पर बना है। ब्रिज बनकर तैयार है और अब ट्रैक बिछाने का कार्य किया जाएगा। अश्विनी वैष्णव ने कहा, "लगभग 100 फीट की ऊंचाई पर बुलेट ट्रेन का ट्रैक है।

उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में बस स्टैंड, मेट्रो, रेलवे और बुलेट ट्रेन, इन सभी चारों स्टेशनों का मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन, इसकी विशेषता है। यह विशेष ध्यान रखा गया है कि यात्री अगर मेट्रो से आएं तो बाईं ओर से सीधे बुलेट ट्रेन और रेलवे स्टेशन की तरफ जा सकते हैं। रेलवे स्टेशन से यात्री नीचे उतरकर बुलेट ट्रेन में बैठ सकते हैं। इस तरह की व्यवस्था बड़े ध्यान से की गई है। उन्होंने कहा, "एक और विशेष बात यह है कि अहमदाबाद की संस्कृति में पतंग का बहुत बड़ा महत्व है। बुलेट ट्रेन के स्टेशन का डिजाइन पतंग को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। एक बहुत अच्छा स्टेशन बनकर तैयार हो रहा है।"

अश्विनी वैष्णव ने बताया, "मेट्रो, रेलवे और बुलेट ट्रेन, तीनों के स्टेशन एक ही जगह पर बनाए जा रहे हैं। हमने इन तीनों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का मिशन शुरू किया है, ताकि यात्री आसानी से मेट्रो से रेलवे, रेलवे से बुलेट ट्रेन या बुलेट ट्रेन से मेट्रो में जा सकें।"

उन्होंने कहा, "मैं आज इन इंतजामों का जायजा लेने आया हूं और इसकी प्लानिंग बहुत अच्छी तरह से की गई है। ग्राउंड फ्लोर पर मेट्रो होगी। मेट्रो से आने वाले यात्री पहली मंजिल पर मौजूद रेलवे स्टेशन तक जा सकते हैं, जबकि दूसरी मंजिल बुलेट ट्रेन स्टेशन से जुड़ती है। इसी तरह बुलेट ट्रेन से उतरने के बाद सीधे भारतीय रेलवे के स्टेशन पर भी पहुंच सकेंगे और ग्राउंड फ्लोर पर मेट्रो स्टेशन तक पहुंच पाएंगे।"

--आईएएनएस

डीसीएच/

Share this story

Tags