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अहमदाबादः नीट परीक्षा रद्द होने पर कोचिंग संचालकों और छात्रों में रोष, एनटीए पर उठाए सवाल

अहमदाबाद, 12 मई (आईएएनएस)। नीट परीक्षा रद्द होने से छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों के संचालकों में आक्रोश व्याप्त है। कई लोगों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर अविश्वास व्यक्त किया और भविष्य को लेकर चिंता जताई। कोचिंग संस्थान के निदेशक विशाल पटेल और हरमीत शाह ने भी छात्रों के सामने मौजूद अनिश्चितता पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
अहमदाबादः नीट परीक्षा रद्द होने पर कोचिंग संचालकों और छात्रों में रोष, एनटीए पर उठाए सवाल

अहमदाबाद, 12 मई (आईएएनएस)। नीट परीक्षा रद्द होने से छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों के संचालकों में आक्रोश व्याप्त है। कई लोगों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर अविश्वास व्यक्त किया और भविष्य को लेकर चिंता जताई। कोचिंग संस्थान के निदेशक विशाल पटेल और हरमीत शाह ने भी छात्रों के सामने मौजूद अनिश्चितता पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

विशाल पटेल ने कहा, "पेपर लीक और परीक्षा रद्द होना बेहद चिंताजनक है, क्योंकि जब 23 लाख छात्रों ने दिन-रात मेहनत करते हुए भविष्य के सुनहरे सपने को लेकर परीक्षा दी थी। ये 23 लाख छात्र अपने शिक्षकों के साथ-साथ 23 लाख परिवारों से भी जुड़े हुए हैं। इससे पता चलता है कि व्यवस्था में कुछ खामियां हैं और यह हमारी परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।"

हरमीत शाह ने कहा, "हमारे कोचिंग संस्थान के 50 छात्रों ने नीट परीक्षा दी थी, और उन्होंने पिछले दो वर्षों में बहुत मेहनत की थी। उनके साथ-साथ उनके परिवारों ने भी कई त्याग किए, लेकिन आज ऐसा लगता है कि सारी मेहनत व्यर्थ हो गई है।"

परीक्षा रद्द होने पर छात्रा नर्सी ने कहा, "यह वाकई दुखद है, क्योंकि पिछले दो वर्षों में की गई मेहनत का ऐसा अंजाम कभी नहीं होना चाहिए था। किसी ने नहीं सोचा था कि हमें नीट परीक्षा दोबारा देनी पड़ेगी, और अब हमें नहीं पता कि उसी स्तर की तैयारी दोबारा करने में कितने दिन लगेंगे।"

छात्रा दीया ने कहा, "बहुत मेहनत की गई थी, और हम दिन-रात जागते रहे, कहीं बाहर नहीं गए। पिछले दो वर्षों से हमारा सारा ध्यान नीट पर ही केंद्रित था। परीक्षा रद्द होने से परेशान हूं, क्योंकि फिर से तैयारी करनी पड़ेगी। सरकार को पेपर लीक होने से रोकना चाहिए।"

परीक्षा देने वाली एक छात्रा ने कहा, "परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत की थी। पढ़ाई के कारण सबकुछ छोड़ दिया था। दो साल से सिर्फ नीट पर ही फोकस था। अगर परीक्षा दोबारा आयोजित की जाती है तो छात्र मानसिक रूप से उतनी अच्छी तरह तैयार नहीं होंगे। एनटीए की लापरवाही की वजह से हमें दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी।"

--आईएएनएस

ओपी/डीकेपी

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