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अग्निवीरों को 4 साल की सेवा के बाद मिल सकता है एक्सटेंशन, सरकार कर रही विचार; वीडियो में देंखे 21 नवंबर को खत्म होगा पहले बैच का कार्यकाल

अग्निवीरों को 4 साल की सेवा के बाद मिल सकता है एक्सटेंशन, सरकार कर रही विचार; वीडियो में देंखे 21 नवंबर को खत्म होगा पहले बैच का कार्यकाल

 

अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने के बाद एक्सटेंशन मिल सकता है। केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यह उन अग्निवीरों से अलग होगा, जिन्हें नियमित सेवा के लिए स्थायी रूप से सेना में शामिल किया जाएगा। पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल 21 नवंबर 2026 को पूरा हो रहा है।सोमवार को सामने आई जानकारी के मुताबिक, एक्सटेंशन के प्रस्ताव पर पिछले कुछ दिनों में उच्चस्तरीय बैठकों का दौर चला है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक फैसला घोषित नहीं किया गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर अग्निवीरों को कितने समय के लिए सेवा विस्तार दिया जाएगा, यह भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

स्थायी भर्ती से अलग होगा एक्सटेंशन का प्रस्ताव

सरकार के सामने अग्निवीरों को लेकर दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। पहली प्रक्रिया के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले योग्य अग्निवीरों में से कुछ को नियमित कैडर में शामिल किया जाएगा। दूसरी ओर, कुछ अग्निवीरों को सेवा जारी रखने के लिए अतिरिक्त समय देने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।नियमों के मुताबिक, हर बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने के बाद नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए आवेदन करने वाले अग्निवीरों का चयन केंद्रीय प्रक्रिया के तहत किया जाता है।

प्रदर्शन और सेना की जरूरत के आधार पर चयन

नियमित सेवा में शामिल करने के लिए अग्निवीरों के चार साल के कार्यकाल के दौरान प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाता है। इसके अलावा सेना की संगठनात्मक जरूरतों और संबंधित सेवा की निर्धारित नीतियों के आधार पर भी फैसला लिया जाता है।इस प्रक्रिया में सभी अग्निवीरों को स्थायी नियुक्ति नहीं मिलती। ऐसे में सेवा विस्तार का प्रस्ताव उन अग्निवीरों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प हो सकता है, जो चार साल की सेवा के बाद भी सेना में बने रहना चाहते हैं। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय और पात्रता की शर्तें सामने आना बाकी हैं।

वायुसेना ने 712 अग्निवीरों को बनाए रखने का फैसला किया

इससे पहले पिछले महीने भारतीय वायुसेना ने अपने पहले अग्निवीर वायु बैच के 2,850 रिक्रूट्स में से 712 को बनाए रखने का फैसला किया था। यह आंकड़ा पहले बैच में शामिल कुल रिक्रूट्स का करीब 25 प्रतिशत है।

2022 में शुरू हुई थी अग्निपथ योजना

केंद्र सरकार ने साल 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में अन्य रैंक के पदों पर युवाओं की चार साल के लिए भर्ती की जाती है। योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और सेना की औसत आयु को कम करना है।चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान है, जबकि बाकी अग्निवीर सेवा से बाहर हो जाते हैं। अब पहले बैच का कार्यकाल पूरा होने से पहले सरकार के सामने यह अहम फैसला है कि क्या कुछ अग्निवीरों को नियमित भर्ती के अलावा अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाए।

क्या एक्सटेंशन 2 साल का हो सकता है?

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सेवा अवधि को दो साल बढ़ाने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, यह अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। यह भी तय नहीं है कि तीनों सेनाओं में कितने अग्निवीरों को इसका लाभ मिलेगा।एक अहम बात यह है कि 21 नवंबर को भारतीय नौसेना के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल पूरा होगा। इसके बाद वायुसेना के पहले बैच का कार्यकाल 21 दिसंबर और थलसेना के पहले बैच का 31 दिसंबर को पूरा होगा।फिलहाल एक्सटेंशन को लेकर सरकार का फैसला आना बाकी है। इसलिए दो साल के सेवा विस्तार को अभी संभावित प्रस्ताव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

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