अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाना छलावा, विपक्ष का भाजपा पर हमला
नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल किए जाने के फैसले पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह फैसला युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और भारतीय सेना की वीरता को कमजोर करने वाला है। नेताओं ने इसे दीपावली की सौगात नहीं, बल्कि चुनावी प्रलोभन और लीपापोती बताया है।
पटना में राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाब और उत्तराखंड में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए सरकार इस तरह के फैसले ले रही है।
मनोज झा ने कहा, "यह चार और छह साल का क्या चक्कर है? यह पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम भारतीय सेना की वीरता को कमजोर करता है। मेरा मानना है कि कोई भी समझदार व्यक्ति इस तरह के जल्दबाजी में किए गए बदलावों का समर्थन नहीं कर सकता।"
रांची में कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने भी केंद्र सरकार के फैसले को लेकर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह अग्निवीरों को दीपावली की सौगात नहीं है। दो साल का एक्सटेंशन देना कौन सा तोहफा हो गया। एक सैनिक देश और देश की जनता के लिए अपनी जान कुर्बान कर देता है, देश के लिए शहीद हो जाता है तो केंद्र सरकार उन अग्निवीरों को क्या लाभ दे रही है। लाभ के नाम पर तो उन्हें शून्य मिल रहा है। कोई सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि एक्सटेंशन देकर केंद्र सरकार सिर्फ लीपापोती का काम कर रही है।
लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। पहले सत्रह साल का बच्चा चार साल की अग्निवीर सेवा के बाद इक्कीस साल की उम्र में रिटायर हो रहा था, अब वही तेईस साल की उम्र में रिटायर होगा। इसके बाद वह बहुराष्ट्रीय कंपनियों और देश के धन्ना सेठों की सिक्योरिटी एजेंसी में गार्ड बनेगा। भाजपा सरकार हमारे बच्चों को गार्ड बनाने की नौकरी देने की बात कर रही है। यह अपने आप में देश के युवाओं, देश की सेना और देश के सैनिकों के साथ बेहद अक्षम्य अपराध है।
उन्होंने कहा कि अगर हमारे सैनिक को यह भरोसा नहीं होगा कि उसकी पूरी सेवा सुरक्षित है और उसका परिवार सुरक्षित है, तो वह देश के लिए जान की बाजी कैसे लगाएगा। छह साल बाद जब वह रिटायर होकर घर आएगा, तो क्या वह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करेगा। भाजपा को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए और देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करना चाहिए।
वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता मनोज पांडेय ने भी इस फैसले को छलावा और जुमला बताया। उन्होंने कहा कि सेवा को परमानेंट तो किया नहीं गया है, सिर्फ दो साल का अवधि विस्तार दिया गया है। दो साल की अवधि बढ़ा देने से क्या हो जाएगा।
मनोज पांडेय ने कहा कि सामने उत्तर प्रदेश का चुनाव है। सरकार को आभास हो गया है कि यह सरकार जाने वाली है, इसलिए अब युवाओं को प्रलोभन दिया जा रहा है और उन्हें दिग्भ्रमित किया जा रहा है।
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