अग्निवीरों का कार्यकाल 6 साल होने पर सियासी घमासान, किसी ने किया स्वागत तो किसी ने कहा- यह सिर्फ एक धोखा
नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। अग्निवीरों की सेवा अवधि 4 साल से बढ़ाकर 6 साल करने के केंद्र सरकार के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। जहां बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, अग्निवीर अभ्यर्थी पंकज कटारे और ट्रेनर लोकेश साहू ने इसे युवाओं के लिए बड़ी राहत और स्वागत योग्य कदम बताया, वहीं सपा सांसद रामशंकर राजभर ने इसे लॉलीपॉप और धोखा करार दिया। सीपीआई(एम) सांसद वी. शिवदासन और कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने भी स्थायी नियुक्ति और पेंशन की मांग उठाई है।
बिहार पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा, "ये बहुत ही स्वागत योग्य कदम है। जो भी युवा अग्निवीर में जा रहे हैं, उनके लिए भविष्य में और भी रास्ते खुल रहे हैं। स्थायी तौर पर भी एक सैनिक के रूप में उनकी नियुक्ति हो सकती है।"
सपा सांसद रामशंकर राजभर ने कहा कि यह सिर्फ एक धोखा है। आप मुझे बताइए, अग्निवीरों को सरकारी नौकरी क्यों नहीं दी जा रही है? आप अग्निवीरों को हमारे सैनिक मान रहे हैं, और अगर वे शहीद हो रहे हैं तो भी आप उन्हें दर्जा देने के लिए तैयार नहीं हैं, कोई सुविधा देने के लिए तैयार नहीं हैं। अंत में आपने अग्निवीरों को आउटसोर्स सैनिक बना दिया है। अगर सरकार में हिम्मत है, सरकार की नीयत साफ है तो सरकार को उन्हें पूर्णकालिक आजीवन रोजगार का अधिकार देना चाहिए। यह भारतीय जनता पार्टी का एक स्टंट है।"
सीपीआई(एम) सांसद वी. शिवदासन ने कहा कि अग्निवीर की इस परियोजना ने सेना की पूरी व्यवस्था, पूरे सैन्य तंत्र को बर्बाद कर दिया है। फिर वे इसे एक बड़ी उपलब्धि की तरह पेश कर रहे हैं। अब पेंशन योजना नहीं है। उनके लिए स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। छह साल बाद उन्हें कैंटीन के जरिए कोई सुविधा नहीं मिल सकती। उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का भी कोई लाभ नहीं मिल सकता। फिर इन अग्निवीरों का क्या फायदा, या भारतीय सैन्य व्यवस्था का क्या फायदा?
उन्होंने कहा कि उन्हें स्थायी नियुक्ति देनी चाहिए। भारतीय सैन्य कर्मियों के लिए स्थायी नियुक्ति, स्थायी पेंशन योजना, वैधानिक पेंशन योजना और उचित वेतन व्यवस्था होनी चाहिए। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पूरे तंत्र को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे देश की सेना और सैन्य व्यवस्था, देश की रक्षा प्रणाली का निजीकरण नहीं होना चाहिए और इन नीतियों को बदलना चाहिए। सेना के जवानों समेत सभी भारतीय नागरिकों की रक्षा करना प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का कर्तव्य है।
पूर्व कृषि मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने कहा कि अग्निवीरों के बारे में मेरा मानना है कि उनकी सेवा रिटायरमेंट तक होनी चाहिए। दो-चार साल की सेवा से क्या होगा? अगर उनकी उम्र 25 या 27 साल होगी और वे उसी उम्र में रिटायर हो जाएंगे, तो आगे क्या करेंगे?
अग्निवीर अभ्यर्थी पंकज कटारे ने कहा, "अग्निवीर के लिए मेरे मेडिकल और फिजिकल हो चुके हैं। अब मेरिट लिस्ट का इंतजार है। हमारे लिए बड़ी खुशखबरी ये आ गई है कि मोदी सरकार के नेतृत्व में चार साल के कार्यकाल को दो साल और बढ़ा दिया गया है। इससे युवाओं को और दो साल का रोजगार मिलेगा। 25 फीसदी को तो स्थायी किया जाएगा, और बाकी 75 फीसदी को भी दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है। जो भी युवा इसकी तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए अच्छा अवसर है।"
उन्होंने बताया कि अग्निवीर भर्ती के लिए 5 मई को आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे। इसका परिणाम 12 जुलाई को आया, जिसमें उन्होंने सफलता हासिल की। इसके बाद 28 अक्टूबर को आयोजित फिजिकल टेस्ट में भी वे सफल रहे। पंकज का कहना है कि वे काफी समय से अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे थे। पहले ही प्रयास में लिखित परीक्षा और फिजिकल पास करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। अब उन्हें केवल मेरिट लिस्ट जारी होने का इंतजार है।
अग्निवीर ट्रेनर लोकेश साहू ने कहा कि अग्निवीर का कार्यकाल छह साल करने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद। इससे युवाओं में मनोबल के साथ ही देशभक्ति का जज्बा भी बढ़ेगा। वो आगे भी छह साल सेवा कर सकते हैं। इससे परिवार को भी आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके साथ ही सेना में वैकल्पिक शिक्षा का भी प्रावधान है। आप अपनी शिक्षा को मजबूत कर सकते हैं। जब वो रिटायर होकर आएंगे तो उन्हें रोजगार का अवसर भी मिलेगा। पुलिसबल, सीआरपीएफ में इनको फायदा मिलेगा।
मैं भारतीय सेना में 17 साल तक अपनी सेवा देने के बाद रिटायर हुआ और धमतरी में फ्रीडम फिजिकल ट्रेनिंग के नाम से सैनिक प्रशिक्षण शुरू किया। यहां के 700-800 बच्चे सेना में अपनी सेवा दे रहे हैं।
--आईएएनएस
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