अगरकर के जाते ही भुवनेश्वर कुमार की वापसी, क्या शमी के लिए भी खुलेगा टीम इंडिया का दरवाजा?
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के दो अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे हैं। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होते ही भुवनेश्वर कुमार की टी20 फॉर्मेट में वापसी हो चुकी है। भुवनेश्वर की वापसी के बाद मोहम्मद शमी की राष्ट्रीय टीम में वापसी के कयास लगने लगे हैं।
दाएं हाथ के मध्यम गति के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 22 नवंबर 2022 को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना आखिरी टी20 मैच खेला था। ठीक 4 साल बाद भुवनेश्वर की न्यूजीलैंड दौरे पर ही जाने वाली भारतीय टी20 टीम में वापसी हुई है। इन 4 वर्षों के दौरान भुवनेश्वर कुमार घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में सक्रिय रहे और गेंद से बेहतरीन रहे, इसके बावजूद अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट चयन समिति ने उन्हें जगह देना उचित नहीं समझा। अगरकर वाली भविष्य की टीम इंडिया में भुवनेश्वर फिट नहीं बैठते थे।
हालांकि, भुवनेश्वर ने बड़ी ईमानदारी से अपनी फॉर्म और फिटनेस पर काम किया और लगातार जब भी, जहां भी मौका मिला, प्रभावी प्रदर्शन किया। आईपीएल में आरसीबी को लगातार 2 खिताब जिताने में भुवी की अहम भूमिका रही है। आईपीएल 2025 में भुवनेश्वर ने 14 मैचों में 17, जबकि आईपीएल 2026 में 16 मैचों में 28 विकेट लिए।
आईपीएल 2026 का भुवी का प्रदर्शन अंतरिम मुख्य चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा के दिमाग में था और उन्होंने पद संभालने के बाद चुनी गई अपनी पहली टीम में भुवनेश्वर को मौका दे दिया।
भुवनेश्वर को मौका मिलने के बाद मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी के कयास लगने लगे हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल (9 मार्च) के बाद मोहम्मद शमी टीम इंडिया के लिए नहीं खेले हैं। पिछले लगभग डेढ़ साल में शमी घरेलू क्रिकेट में तीनों फॉर्मेट में खेले हैं और बंगाल की तरफ से खेलते हुए उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। लेकिन, टीम इंडिया में उनकी वापसी के रास्ते बंद ही रहे। अजीत अगरकर ने हमेशा उनकी फिटनेस से जुड़ी शंका व्यक्त की और उन्हें टीम से बाहर रखा।
अगरकर के जाने के बाद भुवनेश्वर की तरह शमी की वापसी की उम्मीद भी बढ़ गई है। वनडे विश्व कप 2023 में रिकॉर्ड तोड़ गेंदबाजी के बाद शमी ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी भारत को चैंपियन बनाने में गेंद से अहम भूमिका निभाई थी। भारत का मौजूदा तेज गेंदबाजी आक्रमण बुमराह को छोड़कर कमजोर नजर आता है। ऐसे में अगले विश्व कप को देखते हुए और शमी के अनुभव के साथ ही पिछले विश्व कप में उनके प्रदर्शन को देखते हुए वनडे फॉर्मेट में उनकी वापसी की संभावना बढ़ गई है।
शमी वनडे विश्व कप इतिहास के पांचवें सफल गेंदबाज हैं। तीन वनडे विश्व कपों (2015, 2019 और 2023) के दौरान खेले गए 18 मैचों में उन्होंने 55 विकेट लिए हैं। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज का यह रिकॉर्ड ही उनकी वापसी के लिए पर्याप्त है। शमी 108 वनडे में 206 विकेट ले चुके हैं।
--आईएएनएस
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