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अगर पीएम मोदी रामभक्त है तो अनियमितताओं पर जवाब दें: कांग्रेस सांसद मनोज कुमार

अगर पीएम मोदी रामभक्त है तो अनियमितताओं पर जवाब दें: कांग्रेस सांसद मनोज कुमार
अगर पीएम मोदी रामभक्त है तो अनियमितताओं पर जवाब दें: कांग्रेस सांसद मनोज कुमार

नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सरकार और संबंधित संस्थाओं पर तीखे सवाल उठाए। उनके बयानों में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जांच कराने की मांग की।

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा द्वारा इस्तीफा देने से कुछ नहीं होने वाला है। ये इस्तीफा देकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जा रही है। इस कथित गड़बड़ी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ लोग इस्तीफा देकर मुद्दा को भटकाने की कोशिश कर रहे है, लेकिन इससे कुछ नहीं होगा।

राम मंदिर चढ़ावा को लेकर भी उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रधानमंत्री से सीधे सवाल करते हुए कहा कि यदि वे भगवान राम के भक्त हैं तो मंदिर से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक भावनाओं के नाम पर जनता को गुमराह किया गया है और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

गाजा पर भारत के रुख और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के लेख को लेकर भी मनोज कुमार ने टिप्पणी की। उन्होंने गाजा में जारी मानवीय संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां बड़े पैमाने पर जनहानि और बच्चों की मौतें हुई हैं, जिसे पूरी दुनिया ने महसूस किया है। उन्होंने सोनिया गांधी के लेख की सराहना करते हुए कहा कि वे समय-समय पर ऐसे मुद्दों पर लेख लिखकर जनता की आवाज को सामने लाने का काम करती हैं।

सोनिया गांधी ने एक आर्टिकल में आरोप लगाया कि भारत अब फिलिस्तीन के अधिकारों पर अपनी पुरानी नीति से हटकर इजरायल के साथ करीबी रिश्तों को ज्यादा महत्व दे रहा है। उन्होंने कहा कि गाजा को लेकर भारत की मौजूदा नीति विदेश नीति सवाल खड़े करती है।

सोनिया गांधी ने आर्टिकल में लिखा कि गाजा में जारी संघर्ष ने भारी तबाही मचाई है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि गाजा में हालात बेहद गंभीर हैं और बड़ी संख्या में आम नागरिक इसकी कीमत चुका रहे हैं। उनके अनुसार, 20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है और 44 हजार से ज्यादा बच्चे घायल हुए हैं।

सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई से जुड़े एक अन्य प्रश्न पर उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें शहीद हुए छह सैन्य कर्मियों के नाम जारी होने में देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि न्याय मिलने में कितना समय लगेगा और हमले के जिम्मेदार आतंकियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। पीड़ित परिवार अभी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और इस मुद्दे पर स्पष्टता जरूरी है।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी

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