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अगर कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में 'सॉफ्ट टेनिस' शामिल होगा, तो भारत पांचों गोल्ड मेडल जीतेगा: जय मीणा का पीएम से वादा

अगर कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में 'सॉफ्ट टेनिस' शामिल होगा, तो भारत पांचों गोल्ड मेडल जीतेगा: जय मीणा का पीएम से वादा
अगर कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में 'सॉफ्ट टेनिस' शामिल होगा, तो भारत पांचों गोल्ड मेडल जीतेगा: जय मीणा का पीएम से वादा

नागोया, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने बुधवार को एशियन गेम्स में पुरुषों के सिंगल्स इवेंट में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता। देश का पहला एशियाई खेल पदक जीतकर इतिहास रचने के बाद मीणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वादा किया है कि अगर अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में सॉफ्ट टेनिस को शामिल किया जाता है, तो भारत सभी पांच गोल्ड मेडल जीतेगा।

मीणा ने बुधवार को एशियन गेम्स में पुरुषों के सिंगल्स इवेंट में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद यह बयान दिया। सेमीफाइनल में भारतीय खिलाड़ी को जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि इससे पहले क्वार्टर फाइनल में उन्होंने शेरविन नुगुइट के खिलाफ शानदार वापसी की थी।

निर्णायक गेम में 3-5 से पिछड़ने के बाद, मीणा ने अगले चार प्वाइंट्स जीतकर 4-3 से जीत हासिल करते हुए सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल सुनिश्चित किया।

मीणा ने 'आईएएनएस' से ​​कहा, "अगर 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स में सॉफ्ट टेनिस को शामिल किया जाता है, तो मैं यह बात सभी के सामने कहना चाहता हूं। मैं आपसे वादा करता हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से हमारे प्रधानमंत्री से वादा करता हूं कि सॉफ्ट टेनिस में पांचों गोल्ड मेडल भारत के नाम होंगे। मैं आपको अभी यह बता रहा हूं। अगर 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स में सॉफ्ट टेनिस को शामिल किया जाता है, तो यह मेरा वादा है। मुझे अपनी टीम पर भरोसा है। यही समर्पण हमें आत्मविश्वास देता है। हम उस स्तर पर पदक जीतने के हकदार हैं।"

मीणा ने सरकार से इस खेल का समर्थन जारी रखने का भी आग्रह किया और बताया कि सॉफ्ट टेनिस के लिए मौजूदा लॉन टेनिस इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "सॉफ्ट टेनिस एक ऐसा खेल है जिसके लिए आपको अलग से इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की जरूरत नहीं है। यह लॉन टेनिस कोर्ट पर खेला जाता है—चाहे वह ग्रास कोर्ट हो, क्ले कोर्ट हो या सिंथेटिक कोर्ट। आपके पास होटल, रहने की जगह और कोर्ट पहले से मौजूद हैं। इस खेल को आगे बढ़ाने के लिए और क्या चाहिए?"

28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि यह ऐतिहासिक पदक और अधिक भारतीय खिलाड़ियों को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है। मीणा ने कहा, "मुझे गर्व है कि मैं यह मेडल जीतने वाला पहला भारतीय हूं। मुझे इस बात पर गर्व है कि यह मेडल भारत में बदलाव लाएगा। मुझे गर्व है कि अब हर भारतीय मेडल जीतने का सपना देख सकता है, क्योंकि मेरे देश में किसी ने पहले ही मेडल जीत लिया है। इसलिए, मैं भी मेडल जीत सकता हूं; अब भारत में सॉफ्ट टेनिस की एक नई लहर आएगी। खेल में बहुत सुधार होगा।"

भारतीय टीम को यह मेडल मुश्किल सफर के बाद मिला, जो 18 सितंबर को इंडोनेशिया के खिलाफ पुरुषों की टीम इवेंट में क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गई थी। इसके बाद मीणा और आध्या तिवारी मिक्स्ड डबल्स इवेंट के प्री-क्वार्टर फाइनल में हार गए थे।

मीणा ने कहा, "यह मेडल जरूरी था, क्योंकि मैंने और मेरी टीम ने बहुत बुरे दिन देखे हैं। इस मेडल ने हमारी नींद, शांति और पूरे परिवार की मानसिक सेहत पर असर डाला था। हमें पता था कि इस बार सरकार ने हमें पूरा सपोर्ट दिया है। परिवार की उम्मीदें, पूरे भारत की उम्मीदें। तिरंगा सिर्फ एक मेडल और झंडा नहीं है। यह लाखों लोगों की उम्मीद है।"

जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2022 के बाद अपने तीसरे एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहे मीणा ने कहा कि यह ब्रॉन्ज मेडल उनके कोच, फेडरेशन, टीम के साथियों और सरकार की कोशिशों का नतीजा है।

उन्होंने कहा, "मैं अपने कोच, अपनी फेडरेशन और साई का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मैं 'टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप' (टीएजीजी) प्रोग्राम टीम का सदस्य हूं। सरकार ने मुझे बहुत सपोर्ट दिया है। हमें इक्विपमेंट, कैंप और ट्रेनिंग की जरूरत थी। सरकार ने हमें बहुत सपोर्ट दिया है। मैं अभी-अभी टैग टीम में शामिल हुआ हूं। मैं कहना चाहूंगा कि हमें बहुत सारी सुविधाएं मिली हैं। सरकार ने हमारे लिए सब कुछ किया है। इसलिए, मेडल जीतना हमारा फर्ज था। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि मैं भारत को यह मेडल दिला पाया। मैं अपनी टीम को यह मेडल दिला पाया। आज कोर्ट पर हमारी आंखों से जीत के आंसू छलक पड़े। हमने तिरंगा लहराया। मेरे लिए इससे बड़ी कोई बात नहीं है।"

--आईएएनएस

आरएसजी

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