जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद कुणाल कामरा, सोनम वांगचुक और CJP संस्थापक के खिलाफ कोर्ट पहुंचा मामला, वीडियो में जाने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बाद स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा, पर्यावरणविद सोनम वांगचुक और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके कानूनी विवाद में घिर गए हैं। चंडीगढ़ की एक अदालत में तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस से रिपोर्ट तलब कर ली है।
एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका दायर
यह याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता विभु वीरभद्र सैनी ने 24 जुलाई को चंडीगढ़ के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में दायर की थी। याचिका में मांग की गई है कि तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए जाएं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि जंतर-मंतर पर आयोजित CJP के प्रदर्शन के दौरान स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने भगवान राम और माता सीता के संबंध में कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी की। याचिका के अनुसार, उस समय सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके भी मंच पर मौजूद थे।
कोर्ट ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को मामले की प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अदालत ने पुलिस से पूछा है कि याचिका में लगाए गए आरोपों में प्रथम दृष्टया कोई आधार बनता है या नहीं और क्या इस मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने की आवश्यकता है।अदालत ने पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है ताकि आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सके।
18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तारीख निर्धारित की है। उस दिन पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर अदालत यह तय करेगी कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।
आरोपों पर अभी नहीं आई प्रतिक्रिया
फिलहाल इस याचिका में लगाए गए आरोपों पर कुणाल कामरा, सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अदालत के समक्ष उनके पक्ष की ओर से क्या जवाब प्रस्तुत किया जाएगा।मामले में अभी केवल याचिका दायर हुई है और अदालत ने पुलिस से प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी है। एफआईआर दर्ज करने या अन्य कानूनी कार्रवाई पर अंतिम निर्णय अदालत द्वारा पुलिस रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही लिया जाएगा।

