18 साल बाद मिला सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र, लेकिन ज्वाइन नहीं कर सके उम्मीदवार; सिस्टम पर उठे सवाल
सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में होने वाली देरी का एक चौंकाने वाला मामला केरल के मलप्पुरम से सामने आया है। यहां अब्दुल मजीद को आवेदन करने के करीब 18 साल बाद सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला, लेकिन तब तक वे नौकरी के लिए निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु पार कर चुके थे। ऐसे में वे पदभार ग्रहण नहीं कर सके।
18 साल के इंतजार के बाद आया नियुक्ति पत्र
जानकारी के अनुसार, अब्दुल मजीद ने वर्षों पहले सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया था और चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। लंबी प्रशासनिक और भर्ती प्रक्रिया के बाद जब नियुक्ति पत्र जारी हुआ, तब उनकी उम्र नौकरी ज्वाइन करने की पात्र सीमा से आगे निकल चुकी थी।
नौकरी मिलने की खुशी अधूरी रह गई
करीब दो दशक तक इंतजार करने के बाद नियुक्ति पत्र मिलने से मजीद और उनके परिवार में खुशी का माहौल था। हालांकि, जब यह स्पष्ट हुआ कि वे सेवानिवृत्ति की आयु पार कर चुके हैं और नियमों के तहत नियुक्ति नहीं ले सकते, तो यह खुशी निराशा में बदल गई।
भर्ती प्रक्रियाओं पर उठे गंभीर सवाल
यह मामला सरकारी भर्ती तंत्र की धीमी गति और प्रशासनिक देरी को लेकर कई सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी होती, तो उम्मीदवार को नौकरी का लाभ मिल सकता था।
युवाओं में बढ़ी चिंता
इस घटना ने नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच भी चिंता पैदा की है। लंबे समय तक भर्ती प्रक्रियाओं का लंबित रहना न केवल उम्मीदवारों के करियर को प्रभावित करता है, बल्कि उनके मानसिक और आर्थिक जीवन पर भी असर डालता है।
सुधार की मांग तेज
मामले के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाने की मांग तेज हो गई है। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों का कहना है कि चयन और नियुक्ति के बीच वर्षों का अंतराल किसी भी उम्मीदवार के साथ अन्याय के समान है।

