Samachar Nama
×

आदिवासी नेता की हत्या के विरोध में 30 संगठनों ने शनिवार को बुलाया झारखंड बंद, निकाला मशाल जुलूस

रांची, 16 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड के खूंटी जिले में चर्चित आदिवासी नेता और पड़हा राजा सोम मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 17 जनवरी को झारखंड बंद का आह्वान किया है। बंद की पूर्व संध्या पर शुक्रवार शाम रांची, खूंटी, सरायकेला सहित कई जिलों में आदिवासी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
आदिवासी नेता की हत्या के विरोध में 30 संगठनों ने शनिवार को बुलाया झारखंड बंद, निकाला मशाल जुलूस

रांची, 16 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड के खूंटी जिले में चर्चित आदिवासी नेता और पड़हा राजा सोम मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 17 जनवरी को झारखंड बंद का आह्वान किया है। बंद की पूर्व संध्या पर शुक्रवार शाम रांची, खूंटी, सरायकेला सहित कई जिलों में आदिवासी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।

यह बंद हत्याकांड के आठ दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य साजिशकर्ता और शूटरों की गिरफ्तारी नहीं होने के खिलाफ बुलाया गया है। आदिवासी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि बंद के दौरान स्कूल, अस्पताल, दवा दुकान और अन्य आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है। बंद का आह्वान आदिवासी समन्वय समिति (खूंटी) सहित लगभग 30 आदिवासी संगठनों ने संयुक्त रूप से किया है।

आदिवासी समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रभात मुंडा ने कहा कि जल, जंगल और जमीन के साथ आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष करने वाले पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या से न केवल आदिवासी समाज, बल्कि पूरी सामाजिक व्यवस्था को गहरा आघात पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि इतने दिनों बाद भी हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता और शूटरों की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस प्रशासन की विफलता को दर्शाता है, जिससे सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

उल्लेखनीय है कि 7 जनवरी 2026 को खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुआदाहा के पास अज्ञात अपराधियों ने आदिवासी समाज के सम्मानित नेता, पड़हा राजा एदल सांगा पड़हा के उत्तराधिकारी और वरिष्ठ झारखंड आंदोलनकारी सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

बताया गया है कि वे अपनी पत्नी के साथ बाइक से घर लौट रहे थे, तभी घात लगाए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सोमा मुंडा 56 गांवों की पारंपरिक पंचायत प्रणाली ‘पड़हा व्यवस्था’ के प्रमुख थे और जल-जंगल-जमीन की रक्षा, संवैधानिक अधिकारों और आदिवासी अस्मिता के सवाल पर लगातार आवाज उठाते रहे थे। बंद बुलाने वाले संगठनों ने सरकार से हत्या में शामिल मुख्य अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी, किसी निर्दोष को परेशान नहीं करने, दिवंगत सोमा मुंडा के स्वजनों को शीघ्र समुचित मुआवजा देने तथा उनके द्वारा संचालित स्कूल के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की मांग की है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीएससी

Share this story

Tags