आदिवासी छात्र अपने हक के लिए आए, पुलिस का रवैया गलत था: कांग्रेस नेता भाई जगताप
मुंबई, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता भाई जगताप ने आदिवासी छात्रों के आंदोलन और उन्हें पुलिस की ओर से बसों के जरिए उनके जिलों में वापस भेजे जाने के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्र अपने अधिकारों और अपनी मांगों को लेकर मुंबई पहुंचे थे और राज्यपाल से मिलने के लिए तिलक भवन से निकलने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए। हालांकि, छात्रों को उनके घरों और जिलों तक वापस भेजने के लिए पुलिस की ओर से बसों की व्यवस्था किए जाने पर भाई जगताप ने मुंबई पुलिस की सराहना भी की।
भाई जगताप ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आदिवासी छात्रों के मुंबई आने के बाद से ही पुलिस का रवैया उनके प्रति उचित नहीं रहा। उन्होंने विशेष रूप से तिलक भवन में सुबह करीब चार से पांच बजे पुलिस के पहुंचने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। पुलिस अगर किसी बात को लेकर आशंकित थी तो कांग्रेस नेताओं को इसकी जानकारी दी जा सकती थी। जिस तरह से सुबह तड़के कार्रवाई की गई, वह उन्हें उचित नहीं लगी। आज छात्रों के साथ हुई झड़प के बाद मामले को लेकर चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने छात्रों से भी बात की और उनकी स्थिति को समझने का प्रयास किया। छात्र अपने-अपने जिलों और घरों को लौटना चाहते थे। इसके बाद कांग्रेस ने उनके लिए बसों और ट्रेन टिकटों की व्यवस्था करने की तैयारी की थी।
हालांकि, भाई जगताप ने बताया कि पुलिस ने स्वयं पहल करते हुए छात्रों को उनके जिलों तक भेजने के लिए बसों की व्यवस्था की और इसका खर्च भी पुलिस ने उठाया। उन्होंने इसके लिए मुंबई पुलिस का स्वागत किया। जगताप ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठाना कांग्रेस का काम है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मदद के लिए पहले भी तैयार थी और आगे भी उनकी जिम्मेदारी उठाएगी। साथ ही, उन्होंने बताया कि छात्रों के मन में किसी तरह का डर या आशंका न रहे, इसके लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनके साथ भेजा गया। प्रत्येक वाहन में दो-दो कांग्रेस कार्यकर्ता छात्रों के साथ गए, ताकि रास्ते में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी या असुरक्षा महसूस न हो।
आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी भाई जगताप ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठन और राजनीतिक समूह ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में इंडिया ब्लॉक की ओर से भी प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता शामिल हैं। इस पूरे मामले को केवल कांग्रेस या किसी एक संगठन के आंदोलन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनकी मुख्य मांग इस्तीफे की है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े मामले को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस या सीजेपी क्या कह रहे हैं, इसे एक तरफ रखकर मामले को देखा जाना चाहिए। यह किसी राजनीतिक दल का निजी मुद्दा नहीं है, बल्कि अधिकार और लोकतंत्र से जुड़ा विषय है। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां और विशेषज्ञों की राय भी सामने आई है और इन्हीं के आधार पर वह इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी भी मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने के बजाय अधिकारों की लड़ाई लड़ना जरूरी है। कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से आदिवासी छात्रों के आंदोलन को एनएसयूआई और कांग्रेस द्वारा प्रायोजित बताए जाने के आरोप पर भी भाई जगताप ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर एनएसयूआई इस आंदोलन में शामिल भी है तो इसमें गलत क्या है, लेकिन आंदोलन का मूल मुद्दा आदिवासी छात्रों का अपना अधिकार है। छात्रों की मांगों को समझना जरूरी है। ये छात्र अपने मुद्दे लेकर आए थे और उनके हाथ में कांग्रेस का झंडा नहीं था। ये आदिवासी समाज के पढ़ने वाले बच्चे हैं और अपने मूलभूत अधिकारों के लिए आवाज उठाने आए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनसे एक जिम्मेदार और समझदार राजनीतिक नेतृत्व की अपेक्षा की जाती है। अगर मुख्यमंत्री लगातार कांग्रेस या एनएसयूआई के आंदोलन को लेकर सवाल उठाते हैं, तो इससे कांग्रेस को यह संदेश मिलता है कि उसका विरोध सरकार तक पहुंच रहा है।
--आईएएनएस
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