जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी की बड़ी तैयारी, फरार एसीएस सुबोध अग्रवाल की तलाश तेज
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने राजस्थान में चर्चित जल जीवन मिशन से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच को तेज कर दिया है। मामले में आरोपी बनाए गए तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुबोध अग्रवाल की फरारी को लेकर अब जांच एजेंसी ने व्यापक रणनीति तैयार की है।
सूत्रों के अनुसार, एसीबी अब आरोपी के संभावित ठिकानों की “कुंडली” खंगालने की दिशा में काम कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान वह किन स्थानों पर रहा, किन लोगों के संपर्क में आया और किन माध्यमों से अपनी गतिविधियों को संचालित करता रहा।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के लिए लगभग 100 महत्वपूर्ण सवालों की सूची तैयार की गई है। इन सवालों के जरिए पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और कथित घोटाले के नेटवर्क को समझने का प्रयास किया जाएगा। रिमांड के दौरान इन सभी सवालों के आधार पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
मामले में आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत कई परियोजनाओं में वित्तीय अनियमितताएं और फंड के दुरुपयोग की गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच के बाद ही इस प्रकरण ने तूल पकड़ा और उच्च स्तर पर जांच शुरू की गई।
राजस्थान सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बचने का मौका नहीं दिया जाएगा और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, एसीबी अब डिजिटल साक्ष्य, बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी गहन जांच कर रही है, ताकि फरारी के दौरान आरोपी की गतिविधियों का पूरा पता लगाया जा सके। इसके साथ ही संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो यह राज्य के बड़े घोटालों में से एक साबित हो सकता है।
एसीबी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर निगरानी रखी जा रही है और आने वाले दिनों में जांच में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

