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अभिषेक कुमार ने वरुण धवन संग तस्वीर साझा कर लिखा, 'तब कोई मेरा नाम नहीं जानता था'

मुंबई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। मायानगरी मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में हर दिन हजारों लोग अपनी आंखों में बड़े-बड़े सपने लेकर आते हैं। इनमें से कुछ मुंबई की भीड़ में गुमनाम हो जाते हैं, तो कुछ अपनी मेहनत और अटूट विश्वास के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब होते हैं। टेलीविजन इंडस्ट्री के उभरते सितारे अभिषेक कुमार इस सफलता का एक जीवंत उदाहरण बन चुके हैं।
अभिषेक कुमार ने वरुण धवन संग तस्वीर साझा कर लिखा, 'तब कोई मेरा नाम नहीं जानता था'

मुंबई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। मायानगरी मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में हर दिन हजारों लोग अपनी आंखों में बड़े-बड़े सपने लेकर आते हैं। इनमें से कुछ मुंबई की भीड़ में गुमनाम हो जाते हैं, तो कुछ अपनी मेहनत और अटूट विश्वास के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब होते हैं। टेलीविजन इंडस्ट्री के उभरते सितारे अभिषेक कुमार इस सफलता का एक जीवंत उदाहरण बन चुके हैं।

अभिषेक ने कई बार बताया कि उन्होंने करियर की शुरुआत में कई छोटे रोल किए हैं, जिनमें निर्देशक शशांक खेतान की फिल्म 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनियां' भी शामिल है। फिल्म में वे क्राउड का हिस्सा थे। हालांकि, इस दौरान उन्होंने फिल्म के सभी कालाकारों को दूर से देखा था।

उनकी किस्मत का पहिया घूमा और 13 साल बाद कुकिंग रियलिटी शो 'लाफ्टर शेफ' के सेट पर फिर वरुण धवन से मुलाकात हुई, लेकिन इस बार वह भीड़ में खोया हुआ कोई अनजान चेहरा नहीं, बल्कि खुद एक जानी-मानी शख्सियत था।

गुरुवार को अभिषेक ने वरुण के साथ तस्वीरें पोस्ट कीं। इसके साथ उन्होंने अपने मन के भाव व्यक्त करते हुए लिखा, "13 साल पहले मैं फिल्म 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनियां' के सेट पर एक मामूली 'क्राउड आर्टिस्ट' (भीड़ का हिस्सा) के तौर पर मौजूद था। उस वक्त मैं वरुण धवन को सिर्फ दूर से देख सकता था। तब कोई मेरा नाम नहीं जानता था, किसी ने मेरी मौजूदगी पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन मेरे अंदर एक ऐसा सपना था जो मेरी उस स्थिति से कहीं ज्यादा बड़ा था।"

अभिषेक ने बताया कि उनका सफर आसान नही था। उन्होंने लिखा, "कई बार ऐसे मोड़ आए, जब मुझे लगा कि सब कुछ छोड़ देना ही बेहतर है, लेकिन मेरे भीतर के कलाकार ने कभी हार नहीं मानी। मैंने बिना किसी शोर-शराबे के खुद पर काम करना जारी रखा, तब भी जब कोई मुझे देख नहीं रहा था।"

उन्होंने आगे लिखा, "आज, तेरह साल बाद, जिंदगी ने मुझे फिर से उनके सामने खड़ा कर दिया, लेकिन इस बार मैं भीड़ में खोया हुआ एक चेहरा नहीं, बल्कि मेरी अपनी पहचान है, मेरी अपनी कहानी है। शायद मैं अभी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंचा हूं, लेकिन इतना जरूर जानता हूं। अब मैं सिर्फ भीड़ का हिस्सा नहीं हूं। मैं वो इंसान हूं, जिसने अपने सपने को एक दिशा दी है और ये तो बस शुरुआत है। क्योंकि सच यही है कि सपने एक रात में जिंदगी नहीं बदलते। लगातार मेहनत बदलती है। हर चीज के लिए भगवान का धन्यवाद।"

--आईएएनएस

एनएस/एबीएम

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