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अभिषेक बनर्जी की याचिका पर तुरंत सुनवाई से कलकत्ता हाई कोर्ट का इनकार, सही बेंच में जाने का निर्देश

अभिषेक बनर्जी की याचिका पर तुरंत सुनवाई से कलकत्ता हाई कोर्ट का इनकार, सही बेंच में जाने का निर्देश
अभिषेक बनर्जी की याचिका पर तुरंत सुनवाई से कलकत्ता हाई कोर्ट का इनकार, सही बेंच में जाने का निर्देश

कोलकाता, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल बेंच ने अभिषेक बनर्जी की याचिका पर तुरंत दखल देने से इनकार कर दिया और मामले को सही बेंच के पास ले जाने का निर्देश दिया है।

दरअसल, अभिषेक बनर्जी ने कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि जांच एजेंसी और कुछ निजी मीडिया संस्थान जांच से जुड़ी गोपनीय जानकारी को लीक कर रहे हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राव ने कहा कि इस मामले की सुनवाई का अधिकार क्षेत्र उनकी बेंच के पास नहीं है।

अभिषेक बनर्जी के वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा, "मेरे खिलाफ जांच चल रही है। मुझे यह सुनिश्चित करने का अधिकार है कि मेरी निजी जानकारी सार्वजनिक न हो। जांच की प्रगति या तलाशी अभियान से जुड़ी जानकारी का मीडिया में खुलासा होना अनुचित है। फिर भी, जांच एजेंसी और कुछ निजी मीडिया संस्थान इन जानकारियों को सार्वजनिक कर रहे हैं, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया खतरे में पड़ सकती है।"

वकील ने आगे कहा, "मुझे अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखनी है। अपमानजनक जानकारी से नुकसान हो रहा है। इसके लिए कोई गाइडलाइन होनी चाहिए। यहां तक कि जांचकर्ताओं द्वारा पूछे जा रहे सवाल भी लीक हो रहे हैं। इस कोर्ट ने पहले भी ऐसे आदेश जारी किए हैं। मीडिया मेरे खिलाफ अभियान चला रहा है। जांच एजेंसी जानकारी लीक कर रही है। मेरी गरिमा को दांव पर लगाकर फुटेज बनाए जा रहे हैं।"

इस पर जस्टिस कृष्णा राव ने टिप्पणी करते हुए कहा, "क्या कोर्ट को इसमें दखल देना चाहिए? इस कोर्ट के पास अधिकार क्षेत्र नहीं है। अगर यह पुलिस का मामला है तो यह कोर्ट इसकी सुनवाई नहीं कर सकता। मैं केस खारिज नहीं कर रहा हूं। बस सही बेंच के सामने जाकर इसका उल्लेख करें।"

जस्टिस राव के निर्देश के बाद अभिषेक बनर्जी के वकील ने चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच से मौखिक अनुरोध किया कि संबंधित बेंच के सामने इस मामले की जल्द सुनवाई की जाए। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने इस संबंध में लिखित आवेदन जमा करने का संकेत दिया है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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