अभाविप का घोषणापत्र जारी आवास, भागीदारी व विश्वास का किया उल्लेख
नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। अभाविप के मुताबिक, उनका घोषणापत्र 'अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास, प-परिणाम' के चार व्यापक आधारों पर केंद्रित है। छात्र संगठन का कहना है कि इसमें सुरक्षित एवं सुलभ विद्यार्थी आवास, महिला सुरक्षा, बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था व रोजगार के अवसरों को प्रमुखता दी गई है।
बता दें कि डूसू चुनाव में अभाविप की ओर से अध्यक्ष पद पर यश डबास, उपाध्यक्ष पद पर ईशू मौर्य, सचिव पद पर रिया छाबड़ी एवं संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह प्रत्याशी हैं। अभाविप का कहना है कि वे विभिन्न महाविद्यालयों, पीजी एवं छात्रावासों में विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझ रहे हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षित विद्यार्थी आवास के मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है।
एबीवीपी के मुताबिक, नए छात्रावासों का निर्माण, छात्राओं के लिए पर्याप्त छात्रावास, छात्र आवास प्रकोष्ठ एवं हेल्पलाइन उनकी प्राथमिकता है। पीजी एवं छात्रावासों की सुरक्षा जांच, अग्नि-सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन भी उनके एजेंडे में है। साथ ही स्वच्छता, पेयजल और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना भी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। महिला सुरक्षा एवं विद्यार्थी कल्याण के क्षेत्र में पिंक बूथ, सुरक्षा गश्त, महिला सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, सैनिटरी नैपकिन मशीनें, स्त्री-रोग विशेषज्ञ और आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
वहीं, शैक्षणिक व्यवस्था में समयबद्ध एवं पारदर्शी परीक्षा परिणाम, पूरक परीक्षाएं, उत्तर पुस्तिकाएं देखने की सुविधा, आंतरिक मूल्यांकन में पारदर्शिता, विद्यार्थी-अनुकूल परीक्षा व्यवस्था और समय पर डिग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। घोषणा पत्र में विद्यार्थियों के भविष्य को रोजगार से जोड़ने के लिए रोजगार मेले, उद्योगों एवं शोध संस्थानों से संपर्क, प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप, एआई एवं डिजिटल कौशल आधारित अवसर तथा नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात है।
अभाविप पैनल से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी यश डबास ने कहा, "घोषणापत्र का अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास और प-परिणाम विद्यार्थियों की रोजमर्रा की जरूरतों और उनकी आकांक्षाओं से जुड़े हमारे काम की दिशा को स्पष्ट करता है। जहां एक ओर बाकी संगठन आपसी मतभेदों और आंतरिक खींचतान में उलझे हुए हैं, वहीं अभाविप के प्रत्याशी एकजुट होकर विद्यार्थियों के मुद्दों को लेकर उनके बीच पहुंच रहे हैं। सुरक्षित आवास से लेकर महिला सुरक्षा, विश्वविद्यालय की निर्णय प्रक्रिया में विद्यार्थियों की भागीदारी, बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था और रोजगार के अवसरों तक, हमारा प्रयास हर उस विषय पर काम करने का है जो विद्यार्थी के वर्तमान और भविष्य से जुड़ा है।”
--आईएएनएस
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