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अब राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा तो दिग्विजय सिंह रामलला के दर्शन करने चले गए : गौरव वल्लभ

नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के अयोध्या स्थित राम मंदिर के दर्शन करने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन्हें राज्यसभा नहीं भेजेगी, इसीलिए वे रामलला के दर पर पहुंचे हैं।
अब राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा तो दिग्विजय सिंह रामलला के दर्शन करने चले गए : गौरव वल्लभ

नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के अयोध्या स्थित राम मंदिर के दर्शन करने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन्हें राज्यसभा नहीं भेजेगी, इसीलिए वे रामलला के दर पर पहुंचे हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद वह पहली बार अयोध्या पहुंचे हैं।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि दिग्विजय सिंह अपने शागिर्द राहुल गांधी को भी समझाएं कि वो क्यों पाप कर रहे हैं। गौरव वल्लभ ने कहा कि दिग्विजय से एक सवाल और उठता है कि जब उन्हें कांग्रेस की तरफ से कह दिया गया कि उन्हें अब राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा तो वो रामलला के दर्शन करने चले गए।

भाजपा नेता ने दावा किया कि अगर राज्यसभा दी जाती तो दिग्विजय सिंह श्रीराम के दर पर नहीं पहुंचते। वास्तव में दिग्विजय सिंह की प्रभु श्रीराम में आस्था है तो वे राहुल गांधी को समझाएं कि वे बार-बार पाप क्यों किए जा रहे हैं, उन्हें राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण दिया गया था। लेकिन उन्होंने ठुकरा दिया। राहुल गांधी कई बार अयोध्या के समीप से गुजरे हैं, लेकिन मंदिर में दर्शन करने के लिए नहीं पहुंचे। दिग्विजय सिंह को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उनकी आस्था उन्हें अयोध्या खींच लाई या फिर उन्हें राज्यसभा जाने का अवसर पार्टी द्वारा नहीं दिया जाएगा, इसीलिए वे गए। दोनों मामले पर जवाब देना चाहिए।

बताते चलें कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह गुरुवार को अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने कहा, "राम नवमी के शुभ अवसर पर, मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। भगवान राम का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।"

राहुल गांधी के अयोध्या दौरे से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा, "राहुल गांधी से इसके बारे में पूछिए।"

कांग्रेस पार्टी ने राम मंदिर निर्माण के समर्थन में कभी खुलकर बात नहीं की है। उसने जनवरी 2024 में हुए प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण भी ठुकरा दिया था, जिसे उसने चुनावी हितों से प्रेरित एक 'राजनीतिक कदम' बताया था। पार्टी ने यह भी कहा था कि उस समय मंदिर का निर्माण कार्य अधूरा था और यह आयोजन पूरी तरह से धार्मिक न रहकर एक पक्षपातपूर्ण रूप ले चुका था।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम

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