आर्थिक सर्वे 2026 को साइना एनसी ने बताया 'रिफॉर्म एक्सप्रेस'
नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाले आर्थिक सर्वेक्षण 2026 को लेकर विभिन्न राज्यों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी।
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने आर्थिक सर्वे को 'भारत का रिफॉर्म एक्सप्रेस' बताया। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि यह मजबूत मैक्रो इकोनॉमिक आधार, टिकाऊ विकास और निरंतर प्रगति पर केंद्रित है, जो केंद्र सरकार का लक्ष्य है।
उन्होंने इसे 'इनोवेटिव इंडिया का कल्याण रोडमैप' करार दिया। शाइना एनसी ने दावोस का उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में 30 लाख करोड़ रुपए के एफडीआई आए और कई एमओयू साइन हुए, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिला है।
वहीं बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने आईएएनएस से कहा कि आर्थिक सर्वे को प्रस्तुत करना एक जरूरी प्रक्रिया का हिस्सा है। आने वाले समय में जनगणना होने वाली है और उसके बाद विभिन्न संशोधन किए जाएंगे। इसी प्रक्रिया के तहत आर्थिक सर्वे जारी किया गया है ताकि देश की स्थिति का आकलन किया जा सके और आगे की योजनाओं को सही दिशा दी जा सके।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि कोविड काल की चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना। आज देश में एक मेहनती और सक्षम सरकार काम कर रही है, जो लगातार 'विकसित भारत' की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी का नतीजा है कि भारत आज दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बन गया है।
आर्थिक सर्वे देश की अर्थव्यवस्था का सालाना रिपोर्ट कार्ड होता है, जिसे आमतौर पर केंद्रीय बजट से एक या दो दिन पहले वित्त मंत्री संसद में पेश करते हैं। यह रिपोर्ट मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) के मार्गदर्शन में आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा तैयार की जाती है। इसमें पिछले वर्ष की आर्थिक स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का डाटा आधारित, विस्तृत और विश्लेषणात्मक आकलन किया जाता है, जिससे बजट के लिए मजबूत आधार और दिशा तय होती है।
--आईएएनएस
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