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आरक्षण महिलाओं का अधिकार, हम नहीं कर रहे उपकारः नीरज शेखर

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। इसको लेकर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे और भाजपा नेता नीरज शेखर ने आभार जताया है।
आरक्षण महिलाओं का अधिकार, हम नहीं कर रहे उपकारः नीरज शेखर

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। इसको लेकर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे और भाजपा नेता नीरज शेखर ने आभार जताया है।

नीरज शेखर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी के मन में पिताजी के लिए बड़ी श्रद्धा है। सभी लोग पिताजी को देश का जननायक मानते हैं। आज के दिन पिताजी को याद करने वालों का मैं आभारी हूं। विशेष कर अपने नौजवान साथियों से कहूंगा कि ऐसे जननायकों के बारे में पढ़ें और उनके पदचिह्नों पर चलने का प्रयास करें।

महिला आरक्षण बिल पर नीरज शेखर ने कहा, "हम लोग तो बिल्कुल चाहते हैं कि संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिले। यह उनका अधिकार है। हम उन पर कोई उपकार नहीं कर रहे हैं। मुझे पूरी आशा है कि विधेयक आज लोकसभा से पास हो जाएगा।"

17 अप्रैल 1927 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जन्मे चंद्रशेखर भारत के प्रधानमंत्री थे। चंद्रशेखर ने 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक शासन किया। उन्होंने जनता दल के एक अलग हुए गुट की अल्पमत सरकार का नेतृत्व किया, जिसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का बाहरी समर्थन प्राप्त था। चंद्रशेखर दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने पहले कभी कोई सरकारी पद नहीं संभाला था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर एक्स पर लिखा, "इस साल उनकी 100वीं जयंती की शुरुआत हो रही है और यह एक समृद्ध और न्यायपूर्ण भारत के उनके सपने को साकार करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का समय है। चंद्रशेखर जी को एक ऐसे जननेता के रूप में याद किया जाता है, जिनमें साहस, दृढ़ विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी निष्ठा थी। भारत की मिट्टी से गहराई से जुड़े हुए और आम नागरिकों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सादगी और स्पष्टता लाई। मुझे वे अवसर याद हैं, जब मुझे उनसे मिलने और हमारे राष्ट्र के विकास पर विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका मिला था। मैं भारत के युवाओं से आह्वान करता हूँ कि वे भारत की प्रगति की दिशा में उनके विचारों और प्रयासों के बारे में और अधिक पढ़ें।"

--आईएएनएस

ओपी/वीसी

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