आप विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर प्रताप बाजवा का तंज, बोले- 'कांग्रेस की बस पहले से भरी हुई है'
संगरूर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों के भाजपा में शामिल होने की अटकलों और राजनीतिक घटनाक्रम पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास फिलहाल दूसरे दलों से आने वाले विधायकों के लिए जगह नहीं है, क्योंकि पार्टी की बस पहले से भरी हुई है। भाजपा को पंजाब में विधायकों की जरूरत है, इसलिए वह दूसरी पार्टियों के नेताओं को अपने साथ शामिल कर रही है।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, "पहली बात तो यह है कि हमारे पास जगह ही खाली नहीं है। ग्रामीण पंजाब में भाजपा का कोई विधायक नहीं है। उन्हें विधायकों की जरूरत है और वहां जगह खाली है। हमारी बस भरी हुई है। जहां खाली बस होगी, सवारियां उसी में जाएंगी। इस सामान को हम लेना भी नहीं चाहते, क्योंकि यह कबाड़ है।"
उन्होंने आगे कहा कि इन नेताओं की मांगें भी अलग तरह की हैं। वे पार्टी की गाड़ी में जगह भी चाहते हैं और साथ में किराया भी मांगते हैं। बाजवा ने आरोप लगाया कि केवल भाजपा ही उन्हें सीट के साथ 'विटामिन एम' यानी पैसे की सुविधा दे सकती है। कांग्रेस ऐसा नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि सीट और 'विटामिन एम' दोनों उपलब्ध कराना भाजपा के बस की ही बात है, इसलिए राजनीतिक यात्री उस बस में सवार हो रहे हैं।
इस दौरान बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब किसी एक व्यक्ति या मुख्यमंत्री का नहीं, बल्कि पूरे पंजाब के लोगों का है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान की सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है। लोगों ने आम आदमी पार्टी को एक मौका दिया, लेकिन अब उन्हें महसूस हो रहा है कि प्रदेश में न तो आम नागरिकों की जिंदगी सुरक्षित है और न ही कारोबार और परिवारों का भविष्य।
उन्होंने कहा कि पंजाब में युवाओं का बड़े पैमाने पर विदेश पलायन हो रहा है। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी है, वे अपने बच्चों को पढ़ाई और बेहतर भविष्य के लिए विदेश भेज रहे हैं। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवा नशे की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। नशे के कारण पंजाब की युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। मौजूदा परिस्थितियों में कांग्रेस ही पंजाब के लिए एकमात्र व्यवहारिक राजनीतिक विकल्प है। कांग्रेस के पास अनुभवी, शिक्षित और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले नेताओं की टीम है। पंजाब अब किसी नए राजनीतिक प्रयोग का जोखिम नहीं उठा सकता। राज्य को ऐसी सरकार की जरूरत है, जो विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाल सके।
बाजवा ने राहुल गांधी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस चाहती है कि वर्ष 2029 में केंद्र में उसकी सरकार बने और पंजाब में भी कांग्रेस की सरकार हो। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू और प्रताप सिंह कैरों के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय पंजाब में विकास की कई बड़ी परियोजनाएं शुरू हुई थीं। भाखड़ा बांध, सिंचाई व्यवस्था और पंजाब विश्वविद्यालय जैसी संस्थाओं ने राज्य की तरक्की में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि पंजाब को एक बार फिर केंद्र और राज्य में कांग्रेस की सरकारों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है। बाजवा ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा से जुड़े पारंपरिक व्यापार मार्गों को खोलने की वकालत करते हुए कहा कि इससे पंजाब के उद्योग, कारोबार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। कांग्रेस पंजाब को विकास, रोजगार, बेहतर कानून-व्यवस्था और मजबूत अर्थव्यवस्था का विकल्प देना चाहती है। उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब को अब स्थिर और अनुभवी नेतृत्व की जरूरत है।
--आईएएनएस
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