आक्रामकता से पैदा हुए ‘नए भू-राजनीतिक हालात’ स्वीकार नहीं: अनवर गर्गश
अबू धाबी, 25 जून (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के सलाहकार अनवर मोहम्मद गर्गश ने कहा है कि अरब-खाड़ी देशों पर उनके खिलाफ हुई “विश्वासघाती आक्रामकता” के परिणामस्वरूप कोई भी नए “भू-राजनीतिक तथ्य” थोपे नहीं जा सकते।
उन्होंने कहा कि आक्रामकता के आधार पर किसी स्थिति को जबरन स्वीकार करवाना क्षेत्र में स्थिरता स्थापित नहीं करता, बल्कि यह भविष्य के लिए मतभेद और संघर्ष के नए कारण पैदा करता है।
गर्गश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, “आक्रामकता की कोख से पैदा हुए किसी भी यथास्थिति को थोपना स्थिरता नहीं लाता, बल्कि यह भविष्य के लिए कलह और संघर्ष के नए बीज बोता है।”
उन्होंने कहा कि यही बात होर्मुज पर भी लागू होती है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
हालांकि उनके निशाने पर कौन है, इसे स्पष्ट नहीं किया गया है। लेकिन जिस तरह सबसे आखिर में उन्होंने होर्मुज का उल्लेख किया, उससे आईआरजीसी की हालिया चेतावनी का शायद ये जवाब हो सकता है।
ओमान और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) द्वारा तय किए गए नए समुद्री मार्ग पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के नौसैनिक बल ने गुरुवार को कड़ा बयान जारी किया। यह बयान ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के माध्यम से जारी किया गया।
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा, “कुछ घंटे पहले इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बिना किसी सूचना या समन्वय के कुछ अधिकारियों ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के लिए एक नया मार्ग घोषित किया, जो अस्वीकार्य और पूरी तरह खतरनाक है।”
ईरानी बल ने चेतावनी देते हुए कहा, “सभी को सूचित किया जाता है कि होर्मुज से गुजरने के लिए एकमात्र अधिकृत मार्ग वही है, जिसे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने घोषित किया है। इन मार्गों के बाहर जहाजों की आवाजाही बेहद खतरनाक और प्रतिबंधित है।”
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने आगे कहा, “उल्लंघन करने वालों से निपटा जाएगा,” हालांकि उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसके लिए क्या कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज स्टोइक वॉरियर के निकलने के दौरान किसी घटना की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं मिली। जहाजों की ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार, कई अन्य जहाज भी उसके पीछे-पीछे चल रहे थे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी गल्फ दौरे पर हैं। गल्फ देशों के तीन दिवसीय दौरे पर निकले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की थी।
इस दौरान अमेरिका-ईरान कूटनीतिक समझौते, होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। रूबियो के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बाद में बताया कि दोनों नेताओं ने अमेरिका-ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर विचार-विमर्श किया। रूबियो ने बैठक के दौरान यूएई की सुरक्षा के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता को दोहराया और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के बीच अमीरात को निरंतर अमेरिकी समर्थन का भरोसा दिया।
इस बैठक की जानकारी भी गर्गश ने एक्स पर देते हुए कहा था कि देश ने बेहद जटिल चुनौतियों का सामना किया है और दृढ़ संकल्प, प्रभावी रणनीति और क्षमता के साथ उनसे पार पाया है। आज भी यूएई क्षेत्र में स्थिरता और विकास के एक नए दौर की नींव रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसकी उम्मीद क्षेत्र और वहां के लोग करते हैं।
--आईएएनएस
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