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आबादी पर आधारित होगा महिला आरक्षण बिल : निशिकांत दुबे

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र और नोटिफिकेशन जारी होने पर सत्ता पक्ष के सांसदों और मंत्रियों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। इसके साथ ही विपक्ष पर निशाना भी साधा।
आबादी पर आधारित होगा महिला आरक्षण बिल : निशिकांत दुबे

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र और नोटिफिकेशन जारी होने पर सत्ता पक्ष के सांसदों और मंत्रियों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। इसके साथ ही विपक्ष पर निशाना भी साधा।

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जारी हुए नोटिफिकेशन पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यह एक प्रक्रिया है। हम अभी कानून में एक संशोधन ला रहे हैं। चूंकि पिछला कानून अभी तक लागू नहीं हुआ है, इसलिए इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए एक अधिसूचना जारी की गई है।"

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, "2023 में जो बिल पास हुआ था, उसे कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और बाकी सभी विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिला था। उस समय यह बिल सर्वसम्मति से पास हुआ था। यह पहले से ही पास हो चुका बिल है। प्रियंका गांधी ने सुझाव दिया था कि इसे मौजूदा सीटों पर ही लागू किया जाना चाहिए। हालांकि, कानून में यह कहा गया है कि यह आबादी पर आधारित होगा। मौजूदा बिल में यह प्रावधान है कि प्रतिनिधित्व आनुपातिक रूप से तय किया जाएगा। जैसा कि गृह मंत्री ने कल ज़िक्र किया था, दक्षिण भारत में भी कुछ सीटें बढ़ सकती हैं।"

भाजपा सांसद कविता पाटीदार ने कहा, "महिला आरक्षण बिल में जो संशोधन लाया जा रहा है और परिसीमन की प्रक्रिया शुरू की गई है, जब इस पर चर्चा होगी तो सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। कल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने सब कुछ स्पष्ट कर दिया था। मुझे नहीं लगता कि अब जनता के मन में कोई भ्रम बचा है।"

राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम ने कहा, "मैं इस अधिनियम के लिए सरकार का तहे दिल से स्वागत करता हूं, क्योंकि उसने यह पक्का फैसला लिया है कि हर हाल में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इसलिए, प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद महिला आरक्षण बिल लागू कर दिया गया है। यह एक सकारात्मक और सराहनीय कदम है।"

भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने कहा, " विधेयक पर बहस चल रही है और वोटिंग होगी। लेकिन अगर इसे लागू नहीं किया जाता, तो वोटिंग किस आधार पर होगी और हम इसे 2029 में आगे कैसे बढ़ाएंगे? हम जानते हैं कि विपक्ष इसका समर्थन करेगा और हमें पूरा भरोसा है कि यह बिल पास हो जाएगा। हमें इस बात का पूरा यकीन है, क्योंकि इसमें सरकार की तरफ से कुछ भी नकारात्मक नहीं है। उनके मन में कोई गलत इरादा नहीं है।"

--आईएएनएस

ओपी/जीकेटी

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