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एक अनोखी शादी की परंपरा: यहां चिकन खिलाकर पक्की होती है शादी... अगर ना है तो वसूलती है कीमत 

एक अनोखी शादी की परंपरा: यहां चिकन खिलाकर पक्की होती है शादी... अगर ना है तो वसूलती है कीमत 

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में विविध संस्कृतियां पनपती हैं। इनमें से कुछ संस्कृतियां बड़े भूभाग में फैली हुई हैं और उनके रस्म-रिवाजों से हम सभी परिचित होते हैं। वहीं, कुछ विशेष जातीय समूह सुदूर इलाकों में सीमित संख्या में रहते हैं और उनकी परंपराएं काफी पुरानी और अनूठी होती हैं। ये परंपराएं आधुनिक समाज के लिए अक्सर अजीब या असामान्य लग सकती हैं।

आज हम आपको ऐसे ही एक जातीय समुदाय के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बीच शादी पक्की करने का अनोखा रिवाज प्रचलित है। इस समुदाय में दुल्हन और दूल्हे के परिवारों के बीच विवाह तभी तय माना जाता है जब उन्हें चिकन खिलाया जाता है। हां, आपने सही सुना—चिकन!

विशेषज्ञों और स्थानीय जानकारों के अनुसार, इस परंपरा की जड़ें पुराने समय में जाती हैं, जब यह सुनिश्चित करने के लिए एक प्रतीकात्मक रस्म बनाई गई थी कि दोनों परिवारों में आपसी तालमेल और सहयोग की भावना बनी रहे। चिकन खाना केवल स्वादिष्ट भोजन के रूप में नहीं है, बल्कि यह सहमति, सम्मान और परिवारों के बीच विश्वास का प्रतीक माना जाता है।

रिवाज के अनुसार, शादी तय होने से पहले दोनों परिवार एकत्र होते हैं। दूल्हे और दुल्हन के परिवारों के सदस्य एक विशेष समारोह में चिकन पकाते हैं और इसे एक-दूसरे को खिलाते हैं। इस प्रक्रिया में यह देखा जाता है कि दोनों परिवारों के सदस्य कैसे मिलकर काम करते हैं, और उनके बीच की आपसी समझ कैसी है। यदि दोनों पक्ष अच्छे तालमेल से यह रस्म निभाते हैं, तो शादी को पक्का मान लिया जाता है।

स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि चिकन खिलाने की परंपरा यह सिखाती है कि शादी केवल दो व्यक्तियों के बीच का बंधन नहीं है, बल्कि यह दो परिवारों के बीच विश्वास और सहयोग का भी प्रतीक है। इसके अलावा, यह रस्म विवाह में शामिल सभी लोगों को सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारी का एहसास कराती है।

यह परंपरा न केवल सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समुदाय के बीच सामाजिक तालमेल और सामूहिकता को भी बनाए रखती है। कई बार यह रस्म अनजाने में युवाओं के लिए मनोरंजक भी साबित होती है, क्योंकि उन्हें पारंपरिक नियमों और प्रतीकों के साथ जुड़ने का अवसर मिलता है।

इस तरह की प्राचीन परंपराएं यह दिखाती हैं कि विश्व की सांस्कृतिक विविधता कितनी अनोखी और रचनात्मक हो सकती है। आधुनिक समाज में जबकि शादी को कानूनी और वित्तीय दृष्टिकोण से देखा जाता है, इस जातीय समुदाय में इसे परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के रूप में मनाया जाता है।

सोशल मीडिया पर भी हाल ही में इस अनूठे रिवाज का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो देखने वाले लोग हैरान हैं कि कैसे एक साधारण सा प्रतीक—चिकन—दो परिवारों के बीच विश्वास, सम्मान और सामाजिक समझ को दर्शा सकता है।

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