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PTM से बचने का अनोखा “जुगाड़” हुआ वायरल, स्कूली लड़की ने Rapido राइडर को बनाया ‘बड़ा भाई’, वीडियो पर छिड़ी बहस

PTM से बचने का अनोखा “जुगाड़” हुआ वायरल, स्कूली लड़की ने Rapido राइडर को बनाया ‘बड़ा भाई’, वीडियो पर छिड़ी बहस

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक स्कूली लड़की का अनोखा और मजेदार वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने फेल होने के बाद पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) से बचने के लिए एक अलग ही तरीका अपनाया। यह वीडियो लोगों के बीच हंसी और हैरानी दोनों का कारण बन गया है।

वायरल क्लिप के अनुसार, लड़की ने अपने प्लान के तहत ऑनलाइन राइड सर्विस के जरिए एक बाइक राइड बुक की। इसके लिए उसने Rapido के एक राइडर को चुना और उससे अनुरोध किया कि वह PTM में उसके “बड़े भाई” की भूमिका निभाए। हैरानी की बात यह रही कि राइडर ने भी इस मजेदार अनुरोध को स्वीकार कर लिया।

वीडियो में दिखाया गया है कि राइडर स्कूल की ओर जाता हुआ इस पूरे “प्लान” का हिस्सा बनता है। बताया जा रहा है कि लड़की का उद्देश्य अपने फेल होने की स्थिति में माता-पिता से होने वाली डांट या असहज स्थिति से बचना था। इसी वजह से उसने यह अनोखा तरीका अपनाया।

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, यह तेजी से वायरल हो गया। इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक पर यूज़र्स इसे लगातार शेयर कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे “क्रिएटिव जुगाड़” और “जेनरेशन Z की स्मार्ट सोच” बताया है, तो कुछ ने इसे सिर्फ एक मनोरंजन के लिए बनाया गया कंटेंट करार दिया है।

यूज़र्स इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे बेहद मजेदार बताते हुए कह रहे हैं कि आजकल के बच्चे हर स्थिति से निकलने का “नया तरीका” ढूंढ लेते हैं। वहीं कुछ लोगों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस तरह की हरकतें पढ़ाई और जिम्मेदारी से ध्यान भटका सकती हैं।

कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने यह भी आशंका जताई है कि यह वीडियो पूरी तरह वास्तविक न होकर स्क्रिप्टेड या staged हो सकता है, जिसे केवल वायरल कंटेंट बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया हो। हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर इस तरह के “प्रैंक” या “क्रिएटिव वीडियो” तेजी से इसलिए वायरल होते हैं क्योंकि ये हल्के-फुल्के मनोरंजन के साथ-साथ लोगों की जिज्ञासा भी बढ़ाते हैं। लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि ऐसे कंटेंट को बिना जांचे-परखे वास्तविक घटना न माना जाए।

यह वीडियो एक बार फिर यह दिखाता है कि डिजिटल युग में छात्र-छात्राएं और आम लोग भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी रचनात्मकता को अलग-अलग तरीकों से सामने ला रहे हैं। हालांकि, शिक्षा और जिम्मेदारी जैसे गंभीर मुद्दों पर संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

कुल मिलाकर, यह वायरल क्लिप लोगों को हंसाने के साथ-साथ बहस का विषय भी बन गया है। जहां एक ओर इसे मजेदार “जुगाड़” कहा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसकी सच्चाई और संदेश को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।

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