हम रोजाना सड़कों पर निकलते हैं—कभी पैदल, कभी दोपहिया या चारपहिया वाहन से। हर दिन लाखों लोग अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए सड़क का सहारा लेते हैं। ऑफिस जाने की जल्दी हो, बच्चों को स्कूल छोड़ना हो या किसी जरूरी काम से बाजार जाना हो, सड़कें हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। लेकिन यही सड़कें कई बार लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण दर्दनाक हादसों की गवाह बन जाती हैं।
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— Deepesh Patel (@Deepeshpatel87) February 17, 2026
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और जल्दबाजी है। कई लोग रेड लाइट कूदने, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने जैसी गलतियां करते हैं। यह छोटी लगने वाली चूकें कभी-कभी बड़े हादसों का कारण बन जाती हैं।
सड़क हादसे केवल आंकड़े नहीं होते, बल्कि इनके पीछे बिखरे हुए परिवार, रोते-बिलखते माता-पिता और अधूरे सपने होते हैं। एक दुर्घटना सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती है। किसी घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य जब हादसे का शिकार होता है, तो उस परिवार की आर्थिक और भावनात्मक स्थिति दोनों पर गहरा असर पड़ता है। कई बार एक पल की गलती किसी घर की हंसी को हमेशा के लिए खामोशी में बदल देती है।
ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना और शराब पीकर गाड़ी न चलाना जैसे नियम जीवन बचाने के लिए बनाए गए हैं। इसके बावजूद लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता के साथ-साथ सख्त कानून और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की भी जरूरत है। स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा पर नियमित कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए ताकि कम उम्र से ही लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित हो। साथ ही, परिवारों को भी अपने बच्चों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
सड़क हादसों को कम करने में सरकार, प्रशासन और आम नागरिक—तीनों की समान भूमिका है। बेहतर सड़क निर्माण, स्पष्ट साइन बोर्ड, सीसीटीवी निगरानी और सख्त जुर्माने जैसे कदम मददगार साबित हो सकते हैं। लेकिन सबसे जरूरी है व्यक्तिगत स्तर पर सतर्कता और जिम्मेदारी।
हर व्यक्ति को यह समझना होगा कि सड़क पर थोड़ी-सी सावधानी उसकी और दूसरों की जिंदगी बचा सकती है। मंजिल तक कुछ मिनट देरी से पहुंचना बेहतर है, बजाय इसके कि कोई परिवार हमेशा के लिए अपने प्रियजन को खो दे। सड़क पर निकलते समय नियमों का पालन करें, क्योंकि आपकी एक समझदारी भरी आदत किसी घर की खुशियां बचा सकती है।

