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‘अतिथि देवो भव’ की जीवंत मिसाल: नीदरलैंड की महिला ट्रैवलर को हरियाणा में मिला असली भारतीय स्वागत

‘अतिथि देवो भव’ की जीवंत मिसाल: नीदरलैंड की महिला ट्रैवलर को हरियाणा में मिला असली भारतीय स्वागत

भारत की प्राचीन परंपरा ‘अतिथि देवो भव’ यानी “मेहमान भगवान के समान होते हैं” का उदाहरण हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो के रूप में वायरल हो रहा है। यह वीडियो न केवल भारतीय आतिथ्य की मिसाल पेश कर रहा है, बल्कि यह दुनिया भर के लोगों को यह भी याद दिला रहा है कि भारतीय संस्कृति में मेहमानों का सम्मान कितना महत्वपूर्ण है।

वीडियो की कहानी नीदरलैंड की सोलो महिला ट्रैवलर मीके हिजमैन की है। मीके ने हाल ही में हरियाणा के एक ग्रामीण इलाके की यात्रा की, जो उसके लिए पूरी तरह नया और अनजान था। पहले तो उसे चिंता थी कि एक विदेशी महिला के रूप में उसे स्थानीय माहौल में कठिनाई तो नहीं होगी। लेकिन जैसे ही उसने गांव में कदम रखा, उसने अनुभव किया कि भारतीय गांवों में आतिथ्य सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर क्रिया और हर मुस्कान में झलकता है।

वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे गांव के लोग मीके का स्वागत करते हैं। उसे घर बुलाया गया, पारंपरिक व्यंजन परोसे गए और स्थानीय रीति-रिवाजों के बारे में बताया गया। मीके ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उसे कभी नहीं लगा था कि एक अनजान देश और अनजान लोग उसे इतने गर्मजोशी से अपनाएंगे। यह अनुभव उसके लिए बेहद खास था।

सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस वीडियो को बड़े प्यार और उत्साह के साथ शेयर किया। कई लोग कमेंट कर रहे हैं कि यह वीडियो न केवल यात्रा प्रेमियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की सुंदरता को भी उजागर करता है। कुछ ने लिखा कि ऐसे अनुभव दिखाते हैं कि भारत में केवल पर्यटन स्थल ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों का दिल भी अतिथि के लिए खुला रहता है।

मीके हिजमैन के अनुभव ने यह साबित किया कि भारतीय ग्रामीण जीवन में आज भी परंपराएं जीवित हैं। चाहे वह भोजन परोसना हो, साथ में समय बिताना हो या स्थानीय संस्कृति को साझा करना—यह सब अतिथि को सम्मान और प्यार देने का हिस्सा है। इस तरह की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण घटनाएं भारत के आतिथ्य की महान परंपरा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाती हैं।

विशेष रूप से महिला ट्रैवलर्स के लिए यह अनुभव और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार अकेली यात्रा में सुरक्षा और स्वागत को लेकर चिंता होती है। मीके की कहानी ने यह दिखाया कि अगर लोग खुले दिल से मिलें तो यात्रा कितनी यादगार और सुखद हो सकती है।

वीडियो के वायरल होने के बाद कई ट्रैवल ब्लॉग और पेज ने इसे साझा किया, और मीके की कहानी ने वैश्विक स्तर पर भारतीय परंपरा ‘अतिथि देवो भव’ की सराहना हासिल की। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने लिखा कि यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि एक संदेश है कि भारत में हर मेहमान का स्वागत बड़े आदर और सम्मान के साथ किया जाता है।

इस अनुभव ने मीके हिजमैन को न केवल भारतीय गांव की जीवनशैली से परिचित कराया, बल्कि यह भी दिखाया कि मानवता और आतिथ्य की भाषा सार्वभौमिक होती है। भारत का यह संदेश अब दुनिया भर में फैल रहा है, और यह साबित कर रहा है कि सच्चा स्वागत केवल शब्दों में नहीं, बल्कि भाव और कर्म में होता है।

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