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Kiren Rijiju on Abhijeet Dipke: ‘अभिजीत दीपके AAP के कार्यकर्ता हैं’, छात्र आंदोलन को लेकर मंत्री का बड़ा आरोप

Kiren Rijiju on Abhijeet Dipke: ‘अभिजीत दीपके AAP के कार्यकर्ता हैं’, छात्र आंदोलन को लेकर मंत्री का बड़ा आरोप

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अभिजीत दीपके AAP के कार्यकर्ता हैं और यह बात सभी जानते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'सरकार छात्रों की चिंताओं को सुनेगी। पीएम मोदी ने भी इस दिशा में काम किया है, लेकिन किसी भी पार्टी को इसका राजनीतिक फ़ायदा उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।'

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का यह बयान CJP द्वारा 18 अगस्त को केंद्र पर सुप्रीम कोर्ट की उन कोशिशों में बाधा डालने का आरोप लगाने के एक दिन बाद आया है, जिनका मकसद छात्रों और प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज FIR को रद्द करना था। CJP ने मांग की है कि पुलिस की ज्यादतियों और हिंसा के आरोपों की जांच के लिए कोर्ट द्वारा घोषित हाई-पावर कमेटी में उसके सदस्यों को भी शामिल किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई की जिनमें परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर CJP के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बर्बर कार्रवाई का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने आंदोलन के दौरान पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ हिंसा के आरोपों वाली याचिकाओं पर भी सुनवाई की।

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि याचिकाकर्ता छात्रों ने अपनी वकील वृंदा ग्रोवर के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट से देश भर में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज FIR को रद्द करने के लिए धारा 142 का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया था। उनके अनुसार, ग्रोवर ने कोर्ट से कहा कि केंद्र सरकार को ऐसे कदम पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सहित केंद्र के प्रतिनिधियों ने 25 जुलाई को प्रदर्शनकारियों की मांगें मान ली थीं, जिसके बाद आंदोलन खत्म हो गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को कहा कि वह दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की बर्बर कार्रवाई और पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ हिंसा के आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी बनाएगा, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज, एक पूर्व डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) और एक पूर्व CBI डायरेक्टर शामिल होंगे। CJP ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान फेशियल मैचिंग टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।

सौरभ दास ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें और वीडियो लिए गए और CCTV कैमरों के ज़रिए उन पर नज़र रखी गई। उन्होंने कहा, "फेस मैचिंग टेक्नोलॉजी को लेकर कई संवैधानिक सवाल हैं। इसका बहुत ज़्यादा गलत इस्तेमाल हो सकता है। मुझे लगता है कि सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।"

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