हिमालय से दक्षिण कोरिया तक बनी 10 हजार किमी लंबी बादलों की बेल्ट, वीडियो में जाने देशभर में मूसलाधार बारिश; कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात
देशभर में जारी मूसलाधार बारिश के पीछे एक बेहद दुर्लभ मौसमीय स्थिति सामने आई है। नई सैटेलाइट तस्वीरों में भारत के हिमालय से लेकर दक्षिण कोरिया तक करीब 7,000 से 10,000 किलोमीटर लंबी बादलों की विशाल बेल्ट दिखाई दी है। मौसम वैज्ञानिक इसे मानसून कन्वर्जेंस जोन (Monsoon Convergence Zone) बता रहे हैं। इसी के प्रभाव से भारत के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों के दौरान सामान्य से 170 से 180 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
क्यों बनी बादलों की यह विशाल बेल्ट?
विशेषज्ञों के अनुसार, हिंद महासागर से उठीं नमी से भरपूर हवाएं एशिया की ओर बढ़ीं और विभिन्न मौसम प्रणालियों के साथ मिलकर मानसून कन्वर्जेंस जोन का निर्माण हुआ। इस वजह से बादलों का घना समूह लगातार सक्रिय बना हुआ है और कई राज्यों में बिना रुके बारिश हो रही है।इस मौसमीय प्रणाली के कारण मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों में लगातार 60 घंटे से बारिश का दौर जारी है। कई क्षेत्रों में नदियां उफान पर हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
गुजरात में सबसे ज्यादा असर, 43 इंच बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर दक्षिण गुजरात में देखने को मिल रहा है। यहां लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। उमरगाम तालुका में पिछले 24 घंटों के दौरान 43 इंच बारिश दर्ज की गई, जो बेहद असाधारण मानी जा रही है।लगातार बारिश के चलते निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कई राज्यों में अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
मानसून कन्वर्जेंस जोन के सक्रिय रहने से मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह प्रणाली अगले कुछ समय तक सक्रिय रहती है तो कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।देशभर में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी, क्योंकि इस विशाल बादलों की बेल्ट का असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

