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दुनिया का इकलौता मंदिर जहां हनुमान जी के 9 रूप और 12 लीलाओं के दर्शन, चिट्ठी लिखने से पूरी होती है मन्नत

दुनिया का इकलौता मंदिर जहां हनुमान जी के 9 रूप और 12 लीलाओं के दर्शन, चिट्ठी लिखने से पूरी होती है मन्नत
दुनिया का इकलौता मंदिर जहां हनुमान जी के 9 रूप और 12 लीलाओं के दर्शन, चिट्ठी लिखने से पूरी होती है मन्नत

उत्तराखंड, 3 नवंबर (आईएएनएस)। नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित श्री हनुमान धाम आस्था, कला और अध्यात्म का अद्भुत संगम है। उत्तराखंड की हरी-भरी वादियों और शांत वातावरण के बीच बसा यह धाम कोसी नदी के तट और हिमालय की वादियों के बीच बसा हुआ है।

यह दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर माना जाता है जहां एक साथ भगवान हनुमान के 9 स्वरूपों और उनकी 12 पावन लीलाओं के दर्शन होते हैं। मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां बजरंगबली के दर्शन मात्र से ही भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं और मन को असीम शांति मिलती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मंदिर की भव्यता पर ज़ोर दिया है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर का वीडियो पोस्ट कर लिखा, "नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित श्री हनुमान धाम सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, कला और अध्यात्म का एक अद्भुत संगम है। उत्तराखंड की हरी-भरी वादियों और शांत वातावरण के बीच बसा यह धाम हर भक्त को एक दिव्य शांति का एहसास कराता है। कहा जाता है कि यहां बजरंगबली के दर्शन मात्र से ही सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और मन को असीम सुकून मिलता है। अपनी अनोखी वास्तुकला, भव्य मूर्तियों और पवित्र वातावरण के कारण यह धाम न सिर्फ रामनगर बल्कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र में श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है, लेकिन हर दिन यहां का नजारा किसी उत्सव से कम नहीं लगता।"

अपनी अनोखी वास्तुकला, भव्य मूर्तियों और पवित्र वातावरण के कारण यह धाम न सिर्फ रामनगर बल्कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र में श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। यहां श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं एक लिखित चिट्ठी के रूप में हनुमान जी के सामने रखते हैं।

ऐसी मान्यता है कि हनुमान धाम में भगवान हनुमान के सामने लिखित रूप में अपनी मनोकामना या समस्या रखकर प्रार्थना करने से बजरंगबली उसे अवश्य सुनते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। भक्त अपनी बात, पीड़ा या मन्नत को एक पत्र में लिखकर हनुमान जी को सौंपते हैं, जिसे वे भगवान तक अपनी सीधी 'अर्जी' (निवेदन) पहुंचाने का माध्यम मानते हैं। मंदिर का सफेद संगमरमर से बना हुआ सुंदर ढांचा, शांत वातावरण, ध्यान एवं योग कक्ष, और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा केंद्र (विकलांग सेवा केंद्र) यहाँ की खूबसूरती को और बढ़ाते हैं।

--आईएएनएस

एनएस/एएस

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