8 अगस्त 2026 पंचांग: श्रावण कृष्ण दशमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश, निवेश या नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त, राहुकाल और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी मिलती है, जिससे लोग अपने दिन की बेहतर योजना बना पाते हैं।
8 अगस्त 2026, शनिवार का दिन भी कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग लेकर आया है। इस दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। दशमी तिथि दोपहर 2:00 बजे तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। दशमी तिथि को अधूरे कार्य पूरे करने, योजनाओं को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए अनुकूल माना जाता है। शनिवार होने के कारण कई श्रद्धालु शनि देव की पूजा, पीपल के वृक्ष की परिक्रमा, तिल के तेल का दीपक जलाने और जरूरतमंदों को दान करने का विशेष महत्व मानते हैं।
इस दिन सूर्योदय सुबह 5:29 बजे और सूर्यास्त शाम 6:40 बजे होगा। वहीं चंद्रोदय रात 12:19 बजे तथा चंद्रास्त दोपहर 2:46 बजे रहेगा। पंचांग के अनुसार इस दिन रोहिणी नक्षत्र शाम 4:52 बजे तक रहेगा। रोहिणी नक्षत्र को स्थिरता, समृद्धि, सृजनात्मकता और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा। वहीं ध्रुव योग सुबह 9:02 बजे तक रहेगा। इस योग को स्थिर और दीर्घकालिक कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। आज विष्टि करण दोपहर 1:57 बजे तक रहेगा, जिसके बाद अगला करण प्रारंभ होगा।
अगर आप किसी नए काम की शुरुआत, पूजा या किसी महत्वपूर्ण निर्णय की योजना बना रहे हैं तो अभिजित मुहूर्त सुबह 11:38 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। इसे दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। वहीं राहुकाल सुबह 8:47 बजे से 10:26 बजे तक, गुलिक काल सुबह 5:29 बजे से 7:08 बजे तक और यमघण्टकाल दोपहर 1:43 बजे से 3:22 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना उचित माना जाता है।
ग्रहों की स्थिति की बात करें तो इस दिन सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा वृष राशि में विराजमान रहेंगे। वहीं चंद्र निवास दक्षिण दिशा में माना गया है। इस दिन दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। यदि पूर्व दिशा की यात्रा आवश्यक हो तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उपाय कर यात्रा की जा सकती है।
--आईएएनएस
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