दिल्ली में 78 हजार पुराने भारी वाहन होंगे अपग्रेड, BS-6, CNG या EV खरीदने पर मिलेंगी बड़ी छूट; सरकार ने शुरू की तैयारी
दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने पुराने भारी वाहनों को सड़कों से हटाकर स्वच्छ तकनीक वाले वाहनों में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। राजधानी में पंजीकृत करीब 78 हजार पुराने भारी वाहनों की पहचान की गई है। इन्हें स्वेच्छा से BS-6 मानक वाले डीजल या CNG वाहनों अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए वाहन मालिकों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस अभियान के तहत टैक्स में छूट से लेकर लोन पर ब्याज सब्सिडी और वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से डिस्काउंट तक दिया जाएगा।
BS-3 और BS-4 वाहनों को बदलने पर जोर
अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में करीब 78 हजार BS-3 और BS-4 श्रेणी के भारी वाहन पंजीकृत हैं। इन पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए इन्हें नए और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों से बदलने की योजना है। फिलहाल यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक रखी गई है। सरकार का लक्ष्य वाहन मालिकों को आर्थिक लाभ देकर नए वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है।
यह पहल केंद्र सरकार की PARIVARTAN योजना का हिस्सा है। इस योजना का कुल वित्तीय आकार 9,585 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 5,041 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता शामिल है। योजना के तहत दिल्ली के साथ हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के NCR क्षेत्रों में भी पुराने ट्रकों और बसों को स्वच्छ वाहनों से बदलने को बढ़ावा दिया जा रहा है।
टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी राहत
योजना के तहत पात्र वाहन मालिकों को नए BS-6 मानक वाले डीजल या CNG वाहन अथवा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर कई तरह के वित्तीय लाभ मिलेंगे। इनमें 10 साल तक रोड टैक्स में 100 प्रतिशत छूट और रजिस्ट्रेशन फीस की पूरी माफी शामिल है। इसके अलावा पात्र वाहन लोन पर पांच साल तक 5 प्रतिशत ब्याज बचत का लाभ भी दिया जाएगा।
वाहन निर्माता कंपनियां भी इस योजना में शामिल हैं। पात्र वाहनों की एक्स-शोरूम कीमत पर कम से कम 8 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान है।
CNG और डीजल वाहनों के लिए फ्यूल वाउचर
BS-6 डीजल या CNG वाहन खरीदने वालों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। योजना के तहत वाहन की श्रेणी के आधार पर पांच साल तक हर महीने 1,200 से 4,800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर दिए जा सकते हैं। वहीं इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए 64 हजार रुपये से लेकर 2.56 लाख रुपये तक का एकमुश्त प्रोत्साहन निर्धारित किया गया है।
1300 से ज्यादा लाभार्थी करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन
केंद्र सरकार के मुताबिक 27 अगस्त 2026 तक PARIVARTAN पोर्टल पर 1,300 से ज्यादा लाभार्थी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। योजना के तहत वाहन मालिकों को लोन उपलब्ध कराने के लिए 42 बैंक और NBFC भी जोड़े गए हैं। इसके अलावा 15 ऑटो कंपनियां योजना के तहत छूट देने के लिए सरकार के साथ समझौता कर चुकी हैं।
दिल्ली सरकार का मानना है कि पुराने भारी वाहनों को धीरे-धीरे स्वच्छ तकनीक वाले वाहनों से बदलने से सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम होगी। सर्दियों में जब राजधानी की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित होती है, उस दौरान यह कदम प्रदूषण नियंत्रण की रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।

