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75 लाख के जीएसटी नोटिस को रफा-दफा करने के लिए मांगी 5 लाख की रिश्वत, सीए और ईटीओ गिरफ्तार

75 लाख के जीएसटी नोटिस को रफा-दफा करने के लिए मांगी 5 लाख की रिश्वत, सीए और ईटीओ गिरफ्तार
75 लाख के जीएसटी नोटिस को रफा-दफा करने के लिए मांगी 5 लाख की रिश्वत, सीए और ईटीओ गिरफ्तार

जींद, 11 सितंबर (आईएएनएस)। जींद में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग के ईटीओ और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अमन नाम के शिकायतकर्ता की शिकायत पर की गई।

जानकारी के अनुसार, जीएसटी चोरी के एक मामले में फर्म को 75 लाख रुपये का नोटिस दिया गया था। इस नोटिस की कार्रवाई को रोकने के लिए आरोपी 5 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे, जिसमें से 3 लाख रुपये एडवांस के तौर पर मांगे गए थे।

एसीबी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने आईएएनएस को बताया, "हमें अमन नाम के व्यक्ति से शिकायत प्राप्त हुई थी कि सीए अजय शर्मा और देवांश साहू, ईटीओ जीएसटी अधिकारी ने साथ मिलकर 75 लाख रुपये का नोटिस भेजा और कार्रवाई रोकने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई। हमने मामले की इन्क्वायरी की तो मामला सच पाया गया। उसके बाद हमने एक टीम का गठन किया। 3 लाख रुपये लेते हुए अजय शर्मा सीए को मौके से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में एसीबी की टीम के साथ दीपांश शर्मा, एसडीओ खनन विभाग और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

शिकायतकर्ता अमन ने बताया कि यह मामला जीएसटी चोरी का था। सीए के जरिए मेरे पास कॉल आती थी कि आपको पांच लाख रुपये देने पड़ेंगे और 75 लाख रुपये का इन्होंने मेरा नोटिस निकाला था। मेरा ट्रेडिंग का काम है। मुझे करीब डेढ़ महीने से ब्लैकमेल कर रहे थे। मैंने फिर आज यह सोचा कि इन्हें रिश्वत न देकर इनको पकड़वाऊं। मौके पर मैंने तीन लाख रुपये दिए और दो लाख रुपये दो-तीन दिन के बाद देने को कहा था।

एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर सीए अजय शर्मा को 3 लाख रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर लिया। मामले में जीएसटी अधिकारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसीबी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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