25 की उम्र में 70 कत्ल! राजस्थान के ‘कनपटीमार’ की खौफनाक कहानी, ऐसे पकड़ा गया था शंकरिया
राजस्थान के अपराध इतिहास में कुछ ऐसे नाम दर्ज हैं, जिन्हें याद करना आज भी सिहरन पैदा करता है। इन्हीं में एक नाम था शंकरिया, जिसे लोग ‘कनपटीमार’ के नाम से जानते थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 1970 के दशक में उसने करीब 70 लोगों की हत्या की थी। खास बात यह थी कि वह बेहद कम उम्र में अपराध की दुनिया का कुख्यात नाम बन गया था।
कान के पास हथौड़े से करता था हमला
शंकरिया को ‘कनपटीमार’ नाम उसके हत्या करने के तरीके के कारण मिला। रिपोर्टों के अनुसार, वह अपने शिकार पर हथौड़े से कान और कनपटी के आसपास हमला करता था। उसके हमलों का तरीका इतना खौफनाक था कि राजस्थान और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया था।
बताया जाता है कि वह अक्सर रात के समय सुनसान रास्तों पर लोगों को निशाना बनाता था। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि वह खुद को कंबल में छिपाकर सड़क किनारे बैठता और मौका मिलते ही राहगीर पर हमला कर देता था। हालांकि, उसके अपराधों से जुड़ी कई जानकारियों में अलग-अलग स्रोतों के बीच अंतर मिलता है।
25 साल की उम्र में शुरू हुआ खूनी सिलसिला
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, शंकरिया का जन्म 1952 में जयपुर में हुआ था। करीब 25 साल की उम्र में उसके अपराधों का सिलसिला सामने आया और 1977-78 के दौरान लगातार हत्याओं ने पुलिस को परेशान कर दिया। कई रिपोर्टों में उसके साथ करीब 70 हत्याओं को जोड़ा गया है। पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ शंकरिया तक पहुंची और उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसके द्वारा कई हत्याओं की बात स्वीकार किए जाने का भी उल्लेख मिलता है। हालांकि, 70 हत्याओं का आंकड़ा विभिन्न मीडिया और द्वितीयक स्रोतों में रिपोर्ट किया गया है, इसलिए इसे उसके खिलाफ साबित हुई हर हत्या की आधिकारिक संख्या मानना सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए।
27 साल की उम्र में मिली फांसी
शंकरिया को हत्या के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई गई। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, 16 मई 1979 को जयपुर सेंट्रल जेल में उसे फांसी दी गई, तब उसकी उम्र महज 27 साल थी।इस तरह बेहद कम उम्र में अपराध की दुनिया में कुख्यात हुए शंकरिया की कहानी कुछ ही वर्षों में उसके अंत तक पहुंच गई। राजस्थान के अपराध इतिहास में ‘कनपटीमार’ का नाम आज भी एक ऐसे सीरियल किलर के तौर पर लिया जाता है, जिसकी पहचान उसके हथौड़े से किए जाने वाले हमलों के कारण बनी।

