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64 टीमों वाला विश्व कप भारत के लिए फायदेमंद, हमें पहले एशिया की टॉप बनना होगा: गुरप्रीत सिंह संधू

64 टीमों वाला विश्व कप भारत के लिए फायदेमंद, हमें पहले एशिया की टॉप बनना होगा: गुरप्रीत सिंह संधू
64 टीमों वाला विश्व कप भारत के लिए फायदेमंद, हमें पहले एशिया की टॉप बनना होगा: गुरप्रीत सिंह संधू

नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान और अनुभवी गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू का मानना है कि यदि भविष्य में फीफा विश्व कप में टीमों की संख्या बढ़ाकर 64 कर दी जाती है, तो भारत के लिए विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच तक पहुंचने की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। गुरप्रीत ने कहा कि फिलहाल हमें विश्व कप के लिए सोचने के बजाए अपनी रैंकिंग और प्रदर्शन में सुधार लाने पर ध्यान देना होगा।

जी5 के फीफा विश्व कप 2026 एक्सपर्ट पैनल का हिस्सा रहे गुरप्रीत सिंह ने कहा कि भारत के नजरिए से देखा जाए तो अधिक टीमों वाला विश्व कप निश्चित रूप से लाभदायक हो सकता है। जितनी ज्यादा टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी, भारत जैसी उभरती फुटबॉल टीमों के लिए क्वालीफाई करने के अवसर भी उतने ही बढ़ेंगे।

गुरप्रीत ने स्वीकार किया कि यूरोप और अन्य शीर्ष फुटबॉल देशों के खिलाड़ियों के लिए यह फैसला चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि वहां के खिलाड़ी पहले ही क्लब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को मिलाकर सालभर में 50 से 60 मुकाबले खेलते हैं। ऐसे में विश्व कप का और विस्तार उनके शारीरिक और मानसिक दबाव को बढ़ा सकता है। फिर भी उनका मानना है कि फीफा इस तरह का कोई भी फैसला खिलाड़ियों के कार्यभार और प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम को ध्यान में रखकर ही करेगा।

भारतीय कप्तान ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय टीम को फिलहाल विश्व कप में संभावित अतिरिक्त स्थानों के बारे में सोचने के बजाय अपनी बुनियादी प्रगति पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, भारत का पहला लक्ष्य एशिया की शीर्ष 15 टीमों में जगह बनाना होना चाहिए। इसके बाद टीम धीरे-धीरे शीर्ष 10 और फिर उससे आगे बढ़ने का लक्ष्य तय कर सकती है।

गुरप्रीत ने कहा कि एक भारतीय खिलाड़ी और फुटबॉल प्रशंसक के रूप में वह भी चाहते हैं कि भारत जल्द से जल्द फीफा विश्व कप में खेले। यह सपना तभी साकार होगा जब टीम लगातार बेहतर प्रदर्शन करेगी और एशियाई स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत बनाएगी।

उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। भारतीय फुटबॉल को एक-एक कदम आगे बढ़ना होगा। यदि टीम पहले एशिया की शीर्ष 15 टीमों में अपनी जगह बना लेती है, तो उसके बाद विश्व कप में जगह बनाने की राह भी कहीं अधिक आसान हो जाएगी। गुरप्रीत के मुताबिक, दीर्घकालिक सफलता के लिए धैर्य, निरंतर सुधार और स्पष्ट लक्ष्य ही सबसे महत्वपूर्ण हैं।

हाल ही में फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने 2030 फीफा विश्व कप में 64 टीमों को शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार करने का समर्थन किया है। 2030 का विश्व कप पहले ही ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि इसका आयोजन छह देशों और तीन महाद्वीपों में किया जाएगा। ऐसे में टीमों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव ने फुटबॉल जगत में नई बहस छेड़ दी है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे खिलाड़ियों पर मैचों का बोझ बढ़ेगा, जबकि कुछ इसे वैश्विक फुटबॉल के विस्तार की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं।

--आईएएनएस

पीएके

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