मकर संक्रांति पर आस्था का सैलाब, वीडियो में देखें प्रयागराज में 54 लाख श्रद्धालुओं ने किया स्नान, मोदी ने भी गायों को खिलाया चारा
देशभर में आज मकर संक्रांति का पर्व पूरे श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर गंगा, यमुना और नर्मदा जैसी प्रमुख नदियों के तटों पर सुबह से ही लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। पवित्र स्नान को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के तहत आज मकर संक्रांति का प्रमुख स्नान पर्व है। संगम तट पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन के मुताबिक दोपहर 12 बजे तक करीब 54 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे, जबकि पूरे दिन में लगभग डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवी संगठन लगातार व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी गंगा घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। काशी में मकर संक्रांति पर स्नान और दान का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं पश्चिम बंगाल के गंगासागर में भी लाखों श्रद्धालु गंगा सागर संगम में पुण्य स्नान के लिए पहुंचे हैं। प्रशासन ने यहां भी स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी व्यापक तैयारियां की हैं।
पंजाब के अमृतसर में मकर संक्रांति के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में पवित्र सरोवर में स्नान किया। श्रद्धालुओं ने गुरु घर में मत्था टेककर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में कीर्तन और लंगर की विशेष व्यवस्था की गई।
धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का उत्साह भी देखने को मिला, लेकिन इसके साथ हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। बीते दो दिनों में गुजरात में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राजस्थान में 6, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में 1-1 व्यक्ति की जान गई है। अधिकतर हादसे पतंग की डोर से गला कटने या ऊंचाई से गिरने के कारण हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षित तरीके से पर्व मनाने की अपील की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मकर संक्रांति के अवसर पर अपने आवास पर गायों को चारा खिलाया। उन्होंने इस पर्व को भारतीय संस्कृति और कृषि परंपरा से जुड़ा बताते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
उधर मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए। भगवान महाकाल का तिल के तेल से अभिषेक किया गया। भस्म आरती के दौरान भी तिल अर्पित किया गया और तिल के लड्डुओं का भोग लगाया गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।

