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अमेरिका में 35 फीट ऊंची दीवार पर चढ़े अनुपम खेर, बताया- मानव जज्बे की जीत

अमेरिका में 35 फीट ऊंची दीवार पर चढ़े अनुपम खेर, बताया- मानव जज्बे की जीत
अमेरिका में 35 फीट ऊंची दीवार पर चढ़े अनुपम खेर, बताया- मानव जज्बे की जीत

मुंबई, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों विदेश यात्रा पर हैं। उन्होंने हाल ही में अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना के रैले शहर में एक मॉल की 35 फीट ऊंची दीवार पर रॉक क्लाइंबिंग की।

अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि कई लोगों को ऊपर तक पहुंचने में मुश्किल होते देख, उन्हें भी शक हुआ कि क्या वे इसे कर पाएंगे, लेकिन अपने इंस्ट्रक्टर के हौसला बढ़ाने पर उन्होंने कोशिश की। अभिनेता ने लिखा, "मानव जज्बे की जीत।"

उन्होंने लिखा, "कभी-कभी किसी चुनौती को देखकर हम कोशिश करने से पहले ही यह तय कर लेते हैं कि हम ये नहीं कर सकते। आज अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना के रैले शहर में एक मॉल में मैं 35 फीट ऊंची दीवार के सामने खड़ा था, जिस पर लोग चढ़ाई कर रहे थे। मैंने देखा कि ज्यादातर लोग ऊपर तक नहीं पहुंच पा रहे थे।"

अभिनेता अनुपम खेर ने बताया कि इस चुनौती ने उन्हें शिमला की पहाड़ियों पर चढ़ने वाले उस लड़के की याद दिला दी। उन्होंने लिखा, "जब हरमन ने मुझे कोशिश करने के लिए कहा, तो मुझे खुद पर शक हुआ। फिर मुझे वो लड़का याद आया जो शिमला की पहाड़ियों पर चढ़ते हुए बड़ा हुआ था और मैंने सोचा, "चलो, कोशिश करता हूं। अब 71 साल हो गई तो क्या हुआ।"

उन्होंने आगे बताया कि जैसे-जैसे वे कदम बढ़ा रहे थे, उनकी हिचकिचाहट कम नहीं हुई। सुरक्षा के लिए बेल्ट बंधी होने से हिचकिचाहट कम नहीं हुई। हर कदम पर मुझे खुद को हाथों-पैरों से उठाना पड़ा था। ऊपर देखना एक बात थी, लेकिन एक-एक पकड़ बनाते हुए वहां तक पहुंचना दूसरी बात।"

अभिनेता ने बताया कि 35 फीट ऊंची दीवार पर रॉक क्लाइंबिंग को उन्होंने इसलिए किया, क्योंकि वे इससे खुद के अंदर की ताकत का अंदाजा लगाना चाहते थे। जब मैं सबसे ऊपर पहुंचा, तो मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ। मैंने खुद को ये जानने का मौका दिया कि मैं अभी भी क्या कर सकता हूं। इसी को कहते हैं मानव जज्बे की जीत। हमारे मन और हौसले में बहुत सारी संभावनाएं छिपी होती हैं, जिन्हें शक की वजह से हम कभी आजमा ही नहीं पाते। भरोसा करने से चढ़ाई आसान नहीं होती, लेकिन इससे हमें शुरू करने और मुश्किल वक्त में आगे बढ़ते रहने की हिम्मत जरूर मिलती है।

उन्होंने लिखा, "आज 71 साल की उम्र में मैं उस दीवार से उतरा तो खुद पर और अपनी काबिलियत पर थोड़ा और भरोसा बढ़ गया। हमें खुद को ये मौका जरूर देना चाहिए।"

--आईएएनएस

एनएस/एबीएम

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