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35 साल बाद पुराने स्कूल पहुंचीं शिल्पा शिरोडकर, कथक कर ताजा की बचपन की यादें

35 साल बाद पुराने स्कूल पहुंचीं शिल्पा शिरोडकर, कथक कर ताजा की बचपन की यादें
35 साल बाद पुराने स्कूल पहुंचीं शिल्पा शिरोडकर, कथक कर ताजा की बचपन की यादें

मुंबई, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर हाल ही में अपने पुराने स्कूल गई थीं, जहां उन्होंने बचपने से जुड़ी यादों को ताजा किया। गुरुवार को अभिनेत्री ने अपनी इस यात्रा की झलक और अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया।

अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर अपना एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे कथक करती नजर आ रही हैं। शिल्पा शिरोडकर ने अपना अनुभव शेयर करते हुए लिखा, "35 साल बाद उसी स्कूल में फिर से डांस फ्लोर पर हूं, जहां मैंने गोपी कृष्णजी से कथक सीखा था। यहां पर आकर कितनी यादें ताजा हो गईं, वही जानी-पहचानी थाप और दिल खुशी से भर गया। फिर से डांस करके बहुत खुश हूं।"

अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर का यह पोस्ट काफी पसंद किया जा रहा है। उनकी बहन और अभिनेत्री नम्रता शिरोडकर ने कमेंट सेक्शन पर हार्ट इमोजी के साथ प्रतिक्रिया भी दी।

अभिनेत्री ने साल 1989 में मिथुन चक्रवर्ती और रेखा के साथ फिल्म 'भ्रष्टाचार' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, बड़ी पहचान उन्हें फिल्म 'किशन कन्हैया' से मिली थी, जिसमें उनके काम को काफी सराहा गया था और साल 2000 में एम. एफ. हुसैन द्वारा निर्देशित फिल्म 'गजगामिनी' में अभिनय करने के बाद बॉलीवुड से ब्रेक ले लिया था।

अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर ने 25 साल बाद सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म जटाधरा से बड़े पर्दे पर वापसी की। इस सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म में उन्होंने 'शोभा' नाम का एक जटिल और रहस्यमयी किरदार निभाया था, जो लालच और तंत्र-मंत्र से जुड़ा हुआ है।

फिल्म में सुधीर बाबू (शिवा के रूप में) और सोनाक्षी सिन्हा (धन पिशाचिनी के रूप में), शिल्पा शिरोडकर और दिव्या खोसला अहम भूमिकाओं में हैं।

फिल्म की कहानी एक घोस्ट हंटर (आत्माओं और भूतों के अस्तित्व को न मानने वाले तर्कवादी) शिवा (सुधीर बाबू) की है। शिवा का मकसद लोगों के मन से भूत-प्रेतों का डर मिटाना है लेकिन उसका सामना एक डरावने और रहस्यमयी घर तथा धन पिशाचिनी (सोनाक्षी सिन्हा) से होता है। यह पिशाचिनी उस प्राचीन खजाने और घर की रक्षा करती है, जिसे इंसानी लालच ने जगाया था। फिल्म जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, यह केवल एक हॉरर थ्रिलर न रहकर आध्यात्मिक और पौराणिक आयाम ले लेती है।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

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