343 उम्मीदवारों की भर्ती पर पंजाब सरकार घिरी, अकाली दल ने नियुक्ति पत्र जारी करने की उठाई मांग
चंडीगढ़, 9 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम) के तहत चयनित 343 उम्मीदवारों की भर्ती को लेकर सियासत तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल ने राज्य की भगवंत मान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद चयनित उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हैं।
अकाली दल के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि पार्टी इस मामले की कड़ी निंदा करती है।
उन्होंने लिखा कि 343 विधिवत चयनित उम्मीदवारों ने लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन, काउंसलिंग और भर्ती प्रक्रिया की सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इसके बावजूद सरकार नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर रही है।
दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि चयनित उम्मीदवार इस समय चंडीगढ़ में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करे और यह आशंका भी दूर करे कि इन पदों को आउटसोर्सिंग के जरिए भरने की तैयारी की जा रही है।
दरअसल, पंजाब सरकार ने पहले राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चयनित 343 मनोवैज्ञानिकों की नियमित भर्ती रद्द कर दी थी। इसके बाद सरकार ने इन पदों पर आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की।
जानकारी के मुताबिक, 18 दिसंबर 2025 को सरकार ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए नियमित भर्ती को अचानक रद्द कर दिया। इसी दिन स्वास्थ्य विभाग ने सभी डिप्टी कमिश्नरों और सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे तीन सप्ताह के भीतर 200 मनोवैज्ञानिकों की नियुक्ति एक निजी एजेंसी के जरिए करें।
सरकार के इस फैसले के खिलाफ चयनित उम्मीदवारों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि अगली सुनवाई तक आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसके बाद हाई कोर्ट ने भी फिलहाल आउटसोर्सिंग प्रक्रिया पर रोक लगा दी। अब चयनित उम्मीदवार सरकार से जल्द नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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