3 जुलाई 2026 का पंचांग: माता लक्ष्मी की पूजा का खास दिन, जानिए शुभ-अशुभ मुहूर्त
नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह न सिर्फ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की जानकारी देता है, बल्कि दिनभर के शुभ-अशुभ समय और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी बताता है। यही वजह है कि आज भी लोग कोई भी शुभ काम करने से पहले पंचांग जरूर देखते हैं। बात करें अगर 3 जुलाई 2026 की, तो यह दिन कई खास संयोग लेकर आएगा।
पंचांग के अनुसार, 3 जुलाई, शुक्रवार को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। यह तिथि सुबह 11:20 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन श्रवण नक्षत्र सुबह 11:46 बजे तक रहेगा और उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। योग की बात करें तो इस दिन विष्कुम्भ योग शाम 4:59 बजे तक रहेगा और इसके बाद प्रीति योग का आरंभ होगा। करण के अनुसार विष्टि करण सुबह 11:20 बजे तक रहेगा, उसके बाद बव और फिर बालव करण का प्रभाव रहेगा।
सूर्योदय सुबह 5:49 बजे और सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा। चंद्रोदय रात 9:47 बजे और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 9:20 बजे होगा। चंद्रमा इस दिन मकर राशि में रहेगा और रात 12:48 बजे के बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। वहीं सूर्य मिथुन राशि में स्थित रहेगा, जिससे मौसम और ऊर्जा दोनों पर इसका प्रभाव देखा जाता है।
धार्मिक दृष्टि से यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और संतोषी माता को समर्पित माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा से विशेष फल प्राप्त होता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:13 बजे से 5:01 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और पूजा-पाठ के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:49 बजे से 11:46 बजे तक रहेगा, जो श्रवण नक्षत्र और शुक्रवार के संयोग के कारण शुभ कार्यों के लिए बहुत अनुकूल रहेगा।
इस दिन राहुकाल सुबह 10:50 बजे से 12:31 बजे तक रहेगा, जिसे अशुभ समय माना जाता है। इसके अलावा, यमगण्ड, कुलिक, दुर्मुहूर्त और वर्ज्यम् भी अशुभ काल माने जाते हैं। इस दौरान कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
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