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27 साल इंतजार के बाद भी तीन वर्ष और लगेंगे, महिला आरक्षण बिल तुरंत लागू हो: पद्मश्री लिबिया लोबो सरदेसाई

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। पद्मश्री से सम्मानित 102 वर्षीय गोवा की स्वतंत्रता सेनानी लिबिया लोबो सरदेसाई ने बुधवार को महिला आरक्षण बिल पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बिल स्वागत योग्य है, लेकिन बेहद असंतोषजनक और चुनावी हथकंडा है।
27 साल इंतजार के बाद भी तीन वर्ष और लगेंगे, महिला आरक्षण बिल तुरंत लागू हो: पद्मश्री लिबिया लोबो सरदेसाई

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। पद्मश्री से सम्मानित 102 वर्षीय गोवा की स्वतंत्रता सेनानी लिबिया लोबो सरदेसाई ने बुधवार को महिला आरक्षण बिल पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बिल स्वागत योग्य है, लेकिन बेहद असंतोषजनक और चुनावी हथकंडा है।

लिबिया लोबो सरदेसाई ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "यह एक अच्छा बिल है और हमें इसकी जरूरत है, लेकिन 27 साल बीत गए और अभी भी यह बिल लागू नहीं हो पाया। अब भी इसमें तीन साल और लगेंगे। यह आज या कल नहीं आने वाला है।"

उन्होंने आगे कहा, "महिलाओं की आबादी देश में 50 प्रतिशत है, फिर भी वे सिर्फ 33 प्रतिशत आरक्षण पर अटके हुए हैं। आज महिलाएं काफी आगे बढ़ चुकी हैं। वे देश पर राज कर सकती हैं, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया जा रहा है। यह बहुत गलत है। बिल को तुरंत पास करना चाहिए था, लेकिन वे इसे जनगणना और परिसीमन के बाद लागू करने की बात कर रहे हैं। इतनी देरी क्यों? जनगणना से क्या लेना-देना? उन्हें तो पहले ही पता है कि महिलाओं की आबादी आधी है।"

उन्होंने बिल को चुनावी स्टंट करार देते हुए कहा, "यह बिल महिलाओं के भले के लिए नहीं लाया जा रहा है। यह सिर्फ महिलाओं को लुभाने का चुनावी हथकंडा है। कम से कम देखने में तो ऐसा ही लगता है। वरना इसमें इतना समय क्यों लगता?"

उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिल संसद में पेश होगा, तब महिलाओं को वास्तविक प्रतिनिधित्व कब मिलेगा?

उन्होंने कहा, "महिलाओं को प्रतिनिधित्व तो मिलेगा, लेकिन तीन साल बाद। हमने इतना लंबा इंतजार कर लिया है, अब और इंतजार नहीं कर सकते। परिसीमन और जनगणना की शर्त क्यों सिर्फ महिलाओं पर लगाई जा रही है? यह नियम सांसदों और विधायकों के अपने प्रतिनिधित्व पर क्यों नहीं लागू होता?"

लिबिया लोबो सरदेसाई ने राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा और कहा, "जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब भाजपा ने इसका विरोध किया था। अब भाजपा सत्ता में है और कांग्रेस की आलोचना कर रही है। दोनों पार्टियां इसे गंभीरता से नहीं ले रही हैं। अब भाजपा इसे सिर्फ चुनावी स्टंट के रूप में इस्तेमाल कर रही है।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को तुरंत राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने अपील की कि बिल में देरी न की जाए और इसे बिना किसी शर्त के जल्द से जल्द लागू किया जाए।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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