प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर केंद्रित शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक 'अपनापन' का 26 मई को होगा लोकार्पण
नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सद्य:प्रकाशित पुस्तक ‘अपनापन’ का लोकार्पण भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की गरिमामयी उपस्थति में भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू द्वारा 26 मई को भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम सभागार, एनएएससी कॉम्प्लैक्स, पूसा, नई दिल्ली में संपन्न होगा।
इस भव्य कार्यक्रम में भारत सरकार के अनेक मंत्री, राज्यपाल, अनेक प्रदेशों के मुख्यमंत्री, समाजधर्मी एवं लेखक-पत्रकार उपस्थित होंगे।
‘अपनापन’ एक ऐसी आत्मीय और प्रेरणादायी कृति है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विभिन्न भूमिकाओं में देखे, सीखे और आत्मसात् किए गए अनुभवों का सजीव संकलन प्रस्तुत किया गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने तीन दशकों से भी अधिक समय तक पीएम मोदी को विभिन्न भूमिकाओं में निकट से देखा है, और उनसे सीखा है—जब दोनों भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता थे, जब वे अपने-अपने राज्यों के मुख्यमंत्री थे, जब वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री थे और आज जब वे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री हैं। यह पुस्तक उन मूल्यों, दृष्टिकोण और कार्यशैली को भी अभिव्यक्त करती है, जिन्हें उन्होंने इस दीर्घ सहयात्रा में आत्मसात् किया।
यह केवल घटनाओं-मात्र का विवरण नहीं, बल्कि एक विचार-यात्रा है, जहां संगठन, समर्पण और संदेश के माध्यम से नेतृत्व, सेवा और राष्ट्र-निर्माण के सूत्र उभरकर सामने आते हैं। ‘सेवा’, ‘अंत्योदय’, ‘जन भागीदारी’, ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘लोक कल्याण’ जैसे मूलमंत्र पुस्तक के केंद्र में हैं, जो न केवल गवर्नेंस की दिशा तय करते हैं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा भी देते हैं।
यह कृति पाठकों को बताती है कि कैसे दृढ़ संकल्प, स्पष्ट दृष्टि और निरंतर परिश्रम से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। ‘अपनापन’ एक नेता के साथ बिताए गए पलों का संग्रह ही नहीं, बल्कि उन मूल्यों का दर्पण है, जो राष्ट्र को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं।
इस पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घ सार्वजनिक जीवन के विविध आयामों, उनकी कार्ययोजनाओं, उनका सफल कार्यान्वयन और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मूल मंत्र को दर्शाया गया है। यह पुस्तक न केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों तथा समाज के हर क्षेत्र के पाठक के लिए उपयोगी होगी।
शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च, 1959 को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी तहसील के जैत गांव में हुआ। वर्ष 1974 में मात्र 15 वर्ष की उम्र में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े, जिसने उनमें अनुशासन, राष्ट्र-प्रेम दृष्टिकोण और सेवा के आदर्शों को गहराई से स्थापित किया। 1975 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में सक्रिय हुए और आगे चलकर भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय महामंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका निभाई, राष्ट्रीय महामंत्री और फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने एवं संसदीय बोर्ड के सचिव भी रहे।
उनका निर्वाचित जीवन 1990 में शुरू हुआ, जब वे पहली बार बुधनी से विधायक चुने गए। एक वर्ष बाद 1991 में उन्होंने विदिशा लोकसभा सीट जीती और इसी क्षेत्र की जनता से उनका गहरा और लंबे समय का रिश्ता शुरू हुआ, जिसके चलते वे लगातार पांच बार लोकसभा के लिए चुने गए। नवंबर 2005 में शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 2005 से 2018 और फिर 2020 से 2023 तक चार कार्यकालों में उन्होंने मध्य प्रदेश का सबसे लंबा कार्यकाल संचालित करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहचान बनाई।
2024 में वे पुन: विदिशा से 18वीं लोकसभा के लिए चुने गए और वर्तमान में भारत सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में सेवा दे रहे हैं।
--आईएएनएस
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