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कठुआ में ISI के लिए जासूसी के आरोप में 24 साल का ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, घर पर लगाया था CCTV

तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में रविवार को सड़क डिवाइडर से टकराने के बाद कार में आग लग गई। हादसे में कार चला रहे डॉक्टर की जिंदा जलकर मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसा सुबह करीब 7:15 बजे हैदराबाद खम्मम हाईवे पर पिल्ललमारी फ्लाईओवर के पास हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। कार की ड्राइविंग सीट पर एक जला हुआ शव मिला। पुलिस ने बताया कि पास के टोल गेट की जानकारी और कार के अस्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मृतक की पहचान के. जगदीश के रूप में हुई। वह खम्मम जिले के एक अस्पताल में न्यूरोसर्जन थे। जगदीश खम्मम से हैदराबाद अपने परिवार से मिलने जा रहे थे।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए कथित तौर पर जासूसी करने के आरोप में 24 वर्षीय ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अमन के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अमन ने अपने घर के बाहर सिम इनेबल्ड CCTV कैमरा लगाया था। कैमरे का रुख उस सड़क की ओर था, जिसका इस्तेमाल सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए किया जाता है।

आरोप है कि CCTV कैमरे के जरिए सड़क पर होने वाली गतिविधियों की लाइव फुटेज ISI से जुड़े हैंडलर्स तक भेजी जाती थी। सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले में कथित जासूसी नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाने में लगी हैं।

कैमरा लगाने के लिए 20 हजार रुपये मिलने का आरोप

जांच के दौरान सामने आए आरोपों के मुताबिक, अमन को अपने घर के बाहर CCTV कैमरा लगाने के लिए 20 हजार रुपये दिए गए थे। यह रकम कथित तौर पर दुबई स्थित एक चैनल के जरिए भेजी गई थी। एजेंसियां अब इस भुगतान से जुड़े लिंक और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।

आरोप है कि कैमरे को रणनीतिक रूप से ऐसी सड़क की तरफ लगाया गया था, जहां से सुरक्षा बलों की आवाजाही होती रहती है। कैमरे से मिलने वाली फुटेज को कथित तौर पर लाइव तरीके से ISI हैंडलर्स तक पहुंचाया जा रहा था। हालांकि, मामले की पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

नेटवर्क में और लोगों की तलाश

अमन की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित जासूसी नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोगों की भी भूमिका थी।

जांच के दौरान कथित तौर पर सामने आए वित्तीय लेनदेन और डिजिटल संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की कोशिश है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों तक पहुंचा जा सके।

चार महीने में दूसरा मामला

जम्मू-कश्मीर में ISI से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क का पिछले चार महीनों में यह दूसरा मामला सामने आया है। कठुआ में हुई इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच और तेज हो गई है। अधिकारियों की नजर सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा बलों की आवाजाही से जुड़ी संवेदनशील सूचनाओं के संभावित लीक पर बनी हुई है।

फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और इसके संचालन से जुड़ी जानकारी सामने आने की संभावना है।

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