दिल्ली में तेज रफ्तार SUV ने 23 वर्षीय साहिल की जान ले ली, मां का दर्द छलक पड़ा
दिल्ली के द्वारका इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक रईसजादे की तेज रफ्तार SUV ने 23 वर्षीय साहिल धनशेरा की जिंदगी छीन ली। यह हादसा न केवल एक मां की गोद सूनी कर गया, बल्कि दिल्ली की सड़कों पर दौड़ते बिना लाइसेंस वाले नाबालिग और तेज रफ्तार वाहन चालकों की लापरवाही को भी उजागर कर गया।
हादसे के बाद साहिल की मां सड़क पर ही फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने मीडिया को बताया कि उनका बेटा करीब 10 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन उस समय किसी ने उसकी मदद नहीं की। उनका दर्दनाक बयान सुनकर हर कोई भावुक हो उठा। उन्होंने यह भी कहा कि यह हादसा उनके जीवन का सबसे बड़ा सदमा है और उनका बेटा कभी लौटकर नहीं आएगा।
हादसे की घटना CCTV कैमरे में भी कैद हो गई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि SUV तेज रफ्तार में सड़क पार कर रहा है और साहिल को टक्कर मार देता है। हादसे के तुरंत बाद लोग इकट्ठा हुए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर रहा है।
सामाजिक और कानून विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हादसे कई बार सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, बिना लाइसेंस वाहन चलाने और तेज रफ्तार वाहन चालक की लापरवाही के कारण होते हैं। ऐसे मामलों में न केवल चालकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, बल्कि सड़क सुरक्षा और जागरूकता भी बढ़ाने की जरूरत है।
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस हादसे पर अपनी नाराजगी जताई है। कई लोगों ने लिखा कि “दिल्ली की सड़कों पर ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।” कुछ लोगों ने मां के बयान पर संवेदना जताते हुए कहा कि “साहिल की मौत केवल परिवार के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है।” हादसे ने यह भी दिखाया कि तेज रफ्तार वाहन, गैर-जिम्मेदाराना ड्राइविंग और सड़क पर जागरूकता की कमी किस हद तक जानलेवा साबित हो सकती है। यह घटना न केवल परिवार के लिए दुःखद है, बल्कि पूरे शहर के लिए एक सड़क सुरक्षा चुनौती बन गई है।
अंततः यह दुखद मामला यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना और जिम्मेदारी से वाहन चलाना हर नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। साहिल धनशेरा की मौत सिर्फ एक व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। सोशल मीडिया पर वायरल यह घटना लोगों में जागरूकता पैदा कर रही है और सुरक्षा उपायों, लाइसेंस और सड़क नियमों के महत्व पर जोर दे रही है।

