2047 तक विकसित भारत बनाने में युवाओं की बड़ी भूमिका : सीएम धामी
देहरादून, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को यूपीईएस विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देने की अपील की।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश के प्रतिभाशाली युवाओं के कंधों पर है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होना उनके लिए खुशी की बात है। युवाओं के बीच में आने से नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके माता-पिता तथा शिक्षकों के योगदान की सराहना की।
सीएम धामी ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री हासिल करने का अवसर नहीं बल्कि जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को सीखने, गलतियों को सुधारने और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है। हालांकि, परिसर से बाहर निकलने के बाद वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अब विद्यार्थियों के जीवन की असली परीक्षा शुरू होगी। उन्हें आगे बढ़ने के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। कभी सफलता मिलेगी तो कभी असफलता का सामना करना पड़ेगा। असफलता से निराश होने के बजाय उससे अपनी कमियों को पहचानने और सीखने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को जीवनभर सीखते रहने की सलाह देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति पूरी तरह परिपूर्ण नहीं होता। जीवन के अंतिम पड़ाव तक सीखने की भावना बनाए रखने वाला व्यक्ति ही संतोष और सफलता प्राप्त कर सकता है। राज्य सरकार पिछले पांच वर्षों से लगातार युवाओं को रोजगार देने और प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्तियां प्रदान करने का काम कर रही है। विद्यार्थियों को अब अपनी नई यात्रा शुरू करते हुए मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
सीएम धामी ने दुनिया में जारी संकट और बदलती परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को वैश्विक घटनाक्रम से सबक लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश करती हैं। भारत में भी युवाओं को भ्रमित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, इसलिए उन्हें जागरुक और सतर्क रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कुछ घटनाओं के दौरान अराजकता, अनुशासनहीनता और बड़ों के प्रति सम्मान में कमी जैसी स्थितियां देखने को मिलीं। युवाओं को ऐसी परिस्थितियों में विवेक और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। कुछ ताकतें एक बार फिर से युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश करेंगी। लेकिन, किसी भी बहकावे में नहीं आना है।
मुख्यमंत्री ने यूपीईएस विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ेगा और उत्तराखंड का नाम रोशन करेगा। उन्होंने कहा कि जब वे देश-विदेश के भ्रमण पर रहते हैं और जब उनसे लोग मिलते हैं और बताते हैं कि वे यूपीईएस विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं, तो बहुत खुशी होती है।
--आईएएनएस
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