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2030 तक 10 लाख योग शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का मिशन, हिमालयन सिद्धा अक्षर ने शुरू किया अभियान

2030 तक 10 लाख योग शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का मिशन, हिमालयन सिद्धा अक्षर ने शुरू किया अभियान
2030 तक 10 लाख योग शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का मिशन, हिमालयन सिद्धा अक्षर ने शुरू किया अभियान

बेंगलुरु, 5 नवंबर (आईएएनएस)। योग शिक्षा को देश के हर वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से अक्षर योग केंद्र ने 'भारत योग क्रांति' नामक एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की है। संस्था के संस्थापक हिमालयन सिद्धा अक्षर के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 10 लाख पेशेवर योग शिक्षकों को तैयार करना है। यह मिशन विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए योग शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

अभियान के पहले चरण के तहत देशभर से चयनित 1,500 प्रतिभागियों को बेंगलुरु में आयोजित 45 दिवसीय आवासीय योग शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पूरी तरह वित्तपोषित छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कई सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी, जिसमें आवास एवं पौष्टिक भोजन, वस्त्र एवं अध्ययन सामग्री, योग उपकरण, पेशेवर प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन, प्रमाणन (सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर), करियर मार्गदर्शन, रोजगार सहायता, उद्यमिता समर्थन शामिल है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में पारंपरिक योग अभ्यास, मानसिक स्वास्थ्य, समग्र स्वास्थ्य, शिक्षण पद्धति और पेशेवर विकास जैसे विषय शामिल होंगे। प्रतिभागियों को अनुभवी योग गुरुओं और प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस पहल की घोषणा करते हुए संस्थापक हिमालयन सिद्धा अक्षर ने कहा, "योग भारत की दुनिया को सबसे बड़ी देनों में से एक है। हमारा मानना है कि इसकी शिक्षा और लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचने चाहिए, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। भारत योग क्रांति के माध्यम से हम लोगों को पेशेवर कौशल, रोजगार के अवसर और समाज की सेवा करने का मंच प्रदान करना चाहते हैं। वर्ष 2030 तक 10 लाख योग शिक्षकों को तैयार करने का हमारा लक्ष्य योग शिक्षा को देश के हर कोने तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

अक्षर योग केंद्र को योग सर्टिफिकेशन बोर्ड, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' का दर्जा प्राप्त है। संस्था के अनुसार, अब तक 42 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए जा चुके हैं। 50,000 से अधिक योग शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। 2 करोड़ से अधिक शिक्षार्थियों तक पहुंच बनाई गई है। 80 से अधिक देशों में इसकी उपस्थिति है।

संस्था का मानना है कि यह पहल केवल योग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल, मानसिक कल्याण और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को भी बढ़ावा देगी। प्रशिक्षित योग शिक्षक अपने समुदायों में योग और स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे।

'नया भारत, नई ऊर्जा, नया भविष्य' थीम पर आधारित भारत योग क्रांति को देश में योग आधारित कौशल और रोजगार सृजन का एक बड़ा अभियान माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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