फेथ कॉन्क्लेव 2026: मध्य प्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य, इतिहास और संस्कृति का सजीव चित्रण: सीएम मोहन यादव
भोपाल, 16 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रेरणा वाक्य 'एमपी अजब है, सबसे गजब है' मध्य प्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य, इतिहास और संस्कृति का सजीव चित्रण है। यह हमें पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव नई दिल्ली में देश के पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक आयोजन फेथ कॉन्क्लेव-2026 को संबोधित कर रहे थे।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 'जो कहते हैं, वो करते हैं' की कार्यशैली के कारण आज भारत वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित है। उनका मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' हमारी नीतियों का आधार स्तंभ है, जिससे विकास समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है।
फेथ कॉन्क्लेव में 'मध्य प्रदेश: द हार्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इंडिया' विषय पर आयोजित विशेष सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य को देश का अग्रणी पर्यटन एवं निवेश गंतव्य बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों, टूर ऑपरेटर्स और पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों को मध्यप्रदेश में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि अतुलनीय भारत का हृदय प्रदेश मध्य प्रदेश बाबा महाकाल की पवित्र धरा है। हमारा राज्य केवल एक नक्शा नहीं, बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शानदार किलों और जीवंत जंगलों का एक अनूठा कैनवास है। धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय लिखते हुए हमारी सरकार भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी पावन स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। पिछले एक साल में 13 करोड़ से अधिक पर्यटक मध्य प्रदेश पहुंचे हैं, जिसने हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को भव्य और दिव्य बनाने के लिए लगभग 30,000 करोड़ रुपए की लागत से व्यापक आधारभूत संरचना के विकास पर कार्य कर रही है। दुनिया के सबसे बड़े आयोजन की तैयारियां करना हम सभी का दायित्व है। सिंहस्थ-2028 को सुव्यवस्थित बनाने के लिए सुनयोजित विकास के साथ व्यापक कार्ययोजना पर कार्य तेज गति से चल रहा है। 30 किलोमीटर तक लंबे घाटों का निर्माण हो रहा है। सिंहस्थ में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मां शिप्रा के पावन जल से स्नान का सौभाग्य प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से 2 ज्योतिर्लिंग हैं। भारत का एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग उज्जैन में श्री महाकालेश्वर अपनी दिव्यता और अद्वितीय आध्यात्मिक महिमा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। प्रतिदिन प्रातःकाल होने वाली विश्वप्रसिद्ध भस्म आरती श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव है। उज्जैन में श्री महाकाल लोक बनने के बाद एक साल में लगभग 8 करोड़ लोग दर्शन कर चुके हैं।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा के कारण भारत का वास्तविक हृदय है। राज्य सरकार विश्वस्तरीय पर्यटन अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी तथा निवेश-अनुकूल नीतियों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, विरासत और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ निजी निवेश को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देते हुए बैतूल जिले के कॉफी वैली के नाम से प्रसिद्ध हिल स्टेशन 'कुकरू' को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कॉन्क्लेव में पर्यटन विभाग के सचिव एवं मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबन्ध संचालक डॉ इलैयाराजा टी. और मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबन्ध संचालक दिलीप कुमार यादव ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स तथा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन चर्चाओं में राज्य में निजी निवेश, हवाई सम्पर्क के विस्तार, पर्यटन अवसंरचना के विकास तथा मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
कॉन्क्लेव में आंध्र प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों ने अपने पर्यटन मॉडल और निवेश संभावनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। इस बहु-राज्यीय मंच पर मध्य प्रदेश के वाइल्डलाइफ टूरिज्म, हेरिटेज होमस्टे, आध्यात्मिक सर्किट और ग्रामीण पर्यटन जैसे नवाचार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उनकी सराहना की।
दो दिवसीय फेथ कॉन्क्लेव-2026 ने राज्यों के बीच सहयोग, पर्यटन निवेश के नए अवसरों और भारत के पर्यटन इको सिस्टम को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया। मध्य प्रदेश की प्रभावशाली सहभागिता ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और निवेश की असीम संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन उद्योग के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
--आईएएनएस
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