2023 में महिला आरक्षण बिल हो चुका है पास, लोगों को गुमराह कर रही सरकार: टीएस सिंह देव
अंबिकापुर, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को गुमराह कर रही है।
टी.एस. सिंह देव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "महिला आरक्षण बिल 2029 का नहीं, बल्कि 2023 में ही पास हो चुका है। इसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें सर्वसम्मति से पारित हो चुकी हैं। यह कोई नया बिल नहीं है। सरकार इसे लेकर जो चर्चा कर रही है, वह सिर्फ लोगों को भ्रमित करने की चालाक चाल है।"
उन्होंने आगे कहा, "असली चर्चा इस बात पर हो रही है कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटें कितनी बढ़ाई जाएंगी। लोगों को यह स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि महिला आरक्षण बिल तो पहले ही पास हो चुका है। इसे लागू करने की तारीख जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन पर निर्भर है।"
टी.एस. सिंह देव ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा, "सरकार महिला आरक्षण के नाम पर कह रही है कि हम सीटें बढ़ाएंगे, लेकिन राज्यवार घोषणा किए बिना पूरे देश के लिए सीटों की घोषणा करेंगे। असल में परिसीमन आयोग ही तय करेगा कि किस राज्य को कितनी अतिरिक्त सीटें मिलेंगी।"
कांग्रेस नेता ने जनगणना मुद्दे पर भी हमला बोलते हुए कहा, "जनगणना हो या न हो, संविधान में साफ लिखा है कि आखिरी प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों को आधार मानकर परिसीमन किया जाएगा। अगर सरकार आगे जनगणना नहीं कराती तो उसकी कोई जरूरत भी नहीं थी।"
टी.एस. सिंह देव ने आरोप लगाया कि सरकार जो नया बिल ला रही है, वह महिला आरक्षण का बिल नहीं, बल्कि संविधान संशोधन का बिल है। इसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार भाजपा शासित राज्यों में सीटों की संख्या ज्यादा बढ़ाना चाहती है, जबकि गैर-भाजपा शासित राज्यों में कम करना चाहती है।
उन्होंने कहा, "देश के भोले-भाले लोग सोच रहे हैं कि सरकार महिला आरक्षण लेकर आई है, लेकिन उन्हें यह पता नहीं चल पा रहा कि महिला आरक्षण बिल तो 2023 में ही पास हो चुका है। वर्तमान में जो बिल लाया जा रहा है, वह सिर्फ लोकसभा और राज्यों में सीटों की संख्या बढ़ाने का संविधान संशोधन है।"
--आईएएनएस
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